दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई तेज

19 सितंबर 2026
पर्यावरण पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने क्षेत्रीय विधायकों, डीएम, डीसीपी और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ की समीक्षा बैठक
जिला-वार कार्ययोजना, AQI आधारित प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान और जमीनी स्तर पर समन्वित कार्रवाई पर जोर
नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026: माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए जिला स्तर पर अपनी रणनीति को और मजबूत कर रही है। इसका उद्देश्य प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर उनके समाधान के लिए समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना और दिल्ली की वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार लाना है। पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पूर्वी और उत्तर-पूर्वी जिलों के लिए डीएम ईस्ट कार्यालय तथा दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी जिलों के लिए डीएम साउथ-ईस्ट कार्यालय, लाजपत नगर में अलग-अलग समीक्षा बैठक की । बैठकों में संबंधित क्षेत्रों के विधायक, जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), एमसीडी के उपायुक्त और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठकों में जिला-वार कार्ययोजना तैयार करने और स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के स्रोतों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। पर्यावरण मंत्री ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय से कार्य करने, जिम्मेदारी तय करने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रदूषण नियंत्रण उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। सरकार आगामी सर्दियों के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।
AQI के आधार पर प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान
पर्यावरण मंत्री ने जिला प्रशासन को AQI मॉनिटरिंग स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान और मैपिंग करने के निर्देश दिए। इन स्थानों पर सड़क की धूल, ट्रैफिक जाम, वाहनों से होने वाला प्रदूषण, निर्माण एवं तोड़फोड़ कार्य, अवैध पार्किंग, खुले या बिना ढके क्षेत्र, बायोमास और कचरा जलाने सहित अन्य स्थानीय प्रदूषण स्रोतों की पहचान की जाएगी।
प्रत्येक हॉटस्पॉट का स्रोत-आधारित अध्ययन किया जाएगा और जहां आवश्यक हो, 3 किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। इसके आधार पर प्रत्येक स्रोत के लिए अलग कार्ययोजना तैयार होगी, जिसमें सुधारात्मक कार्रवाई, संबंधित एजेंसी और कार्रवाई की समयसीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाएगी।
धूल प्रदूषण और बायोमास जलाने पर सख्त कार्रवाई
पर्यावरण मंत्री ने निर्माण एवं तोड़फोड़ कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण संबंधी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लागू प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बायोमास जलाने पर लगे प्रतिबंध पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। खुले में बायोमास और ज्वलनशील कचरा जलाने की रोकथाम के लिए कार्रवाई तेज की जाएगी। इसमें कूड़ा, प्लास्टिक, रबर, कपड़ा और फाइबर कचरा, औद्योगिक अवशेष, जैविक अवशेष और स्क्रैप सहित अन्य सामग्री शामिल है।
कचरे के खुले में जमा होने और जलाए जाने से रोकने के लिए उसका उचित संग्रह, पृथक्करण, परिवहन तथा वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण या प्रसंस्करण सुनिश्चित किया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर नियमित निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाए जाएंगे।
सड़क की धूल और ट्रैफिक जाम पर समन्वित कार्रवाई
माननीय मंत्री ने बसों, ट्रकों और भारी वाहनों की अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, विशेष रूप से उन स्थानों पर जहां इससे ट्रैफिक जाम, सड़क की धूल और वाहनों से होने वाला प्रदूषण बढ़ता है।
जहां आवश्यक होगा, वहां क्रेन की मदद से अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों को हटाने या टो करने की कार्रवाई की जाएगी, विशेषकर प्रमुख परिवहन और ट्रैफिक संवेदनशील क्षेत्रों में।
सभी लंबित सिविल कार्यों, जिनमें गड्ढों की मरम्मत, हरित क्षेत्रों का विकास तथा सड़क और सड़क किनारे से जुड़े अन्य कार्य शामिल हैं, को प्राथमिकता के आधार पर और जहां संभव हो, 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इन कार्यों के बाद उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि सड़क से धूल का उत्सर्जन कम किया जा सके।
जहां आवश्यक कार्य जारी हैं और उनके पूरा होने के बाद ही सड़क की अंतिम मरम्मत संभव है, वहां संबंधित एजेंसियां सड़क की सतह पूरी तरह बहाल होने तक लगातार पानी का छिड़काव और पर्याप्त धूल नियंत्रण उपाय सुनिश्चित करेंगी।
संवेदनशील स्थानों पर PM10 और PM2.5 की निगरानी
समीक्षा बैठकों में अधिक यातायात, भारी वाहनों की पार्किंग, सड़क से अधिक धूल और ट्रैफिक जाम वाले स्थानों पर PM10 और PM2.5 की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए।
जिन स्थानों पर पार्टिकुलेट मैटर का स्तर अधिक पाया जाएगा, वहां लक्षित निरीक्षण, प्रदूषण स्रोतों का आकलन और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सड़क निर्माण में धूल नियंत्रण को प्राथमिकता
पर्यावरण मंत्री ने निर्देश दिए कि भविष्य में किए जाने वाले संबंधित कार्यों में तकनीकी रूप से संभव होने पर और निर्धारित मानकों के अनुसार सड़कों तथा संबंधित सड़क किनारे के क्षेत्रों में पूरी तरह कारपेटिंग या पक्की सतह उपलब्ध कराने का प्रावधान शामिल किया जाए, ताकि खुली मिट्टी और कच्ची सतहों को न्यूनतम किया जा सके।
अवैध अतिक्रमण हटाकर यातायात प्रदूषण कम करने पर जोर
समीक्षा बैठकों में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से अवैध अतिक्रमण हटाने पर भी विशेष जोर दिया गया, क्योंकि इनके कारण यातायात बाधित होता है और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है।
श्री सिरसा ने संबंधित एजेंसियों को अनधिकृत अतिक्रमण के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि यातायात सुचारु हो, जाम कम हो और वाहनों के लंबे समय तक खड़े रहने तथा धीमी गति से चलने के कारण होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके।
पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र और आनंद विहार बस टर्मिनल में सड़क की धूल, ट्रैफिक जाम और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र-विशिष्ट उपायों पर विशेष ध्यान दिया गया। मंत्री ने पटपड़गंज सहित संवेदनशील स्थानों पर लगातार पानी के छिड़काव और धूल नियंत्रण उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, विशेष रूप से उन स्थानों पर जहां सड़क या उससे जुड़े कार्य चल रहे हैं। आनंद विहार बस टर्मिनल पर बसों और भारी वाहनों की अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा आवश्यकता के अनुसार क्रेन की मदद से ऐसे वाहनों को हटाने या टो करने के निर्देश दिए गए।
जमीनी टीमें उल्लंघनों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी
राजस्व विभाग, DPCC, PWD, MCD, ट्रैफिक पुलिस, DSIIDC, I&FC, DJB, DMRC, NHAI और अन्य एजेंसियों के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए मंत्री ने नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया, विशेषकर हेल्पलाइन 311 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर।
मंत्री ने जमीनी टीमों को संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी बनाए रखने और उल्लंघनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। DPCC और प्रवर्तन एजेंसियों को लागू प्रावधानों के तहत कड़े चालान सहित सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।
पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है—प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर वहीं कार्रवाई की जानी चाहिए, जहां से प्रदूषण उत्पन्न हो रहा है। जिला-वार योजना, AQI की निगरानी और जमीनी स्तर पर समन्वित प्रवर्तन के माध्यम से हम प्रदूषण के मूल कारणों पर कार्रवाई कर रहे हैं, ताकि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार सुनिश्चित किया जा सके।”
जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई के लिए एक्शन टेकन रिपोर्ट
संबंधित विभाग और एजेंसियां की गई कार्रवाई, वर्तमान स्थिति, स्थान, संबंधित साक्ष्य, लंबित मामलों और कार्य पूर्ण करने की समयसीमा सहित विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करेंगी। इनकी प्रगति की समीक्षा माननीय मंत्री द्वारा अगले 15 दिनों के भीतर की जाएगी।
बैठक में जमीनी स्तर पर समर्पित निगरानी टीमों, चौबीसों घंटे निगरानी, हॉटस्पॉट आधारित कार्रवाई तथा धूल प्रदूषण, बायोमास जलाने, अनधिकृत औद्योगिक गतिविधियों और अन्य स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई की बहु-स्तरीय रणनीति तैयार की गई।
दिल्लीवासियों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आगामी सर्दियों के दौरान सभी जिलों में सतर्कता बढ़ाने, बेहतर समन्वय बनाए रखने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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