भारत 2030 तक 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली बुलेट ट्रेनें बनाएगा

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नई दिल्ली। 20 सितंबर।(MNN)

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना की संशोधित लागत की मंजूरी के लिए कैबिनेट को भेजे गए रेल मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार, भारत 2030 तक 350 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति (रफ्तार) वाली स्वदेशी हाई-स्पीड या बुलेट ट्रेनें तैयार करेगा। ये ट्रेनें जापान की अगली पीढ़ी की E10 सीरीज की ट्रेनों के मानकों के अनुरूप होंगी, जिनका निर्माण भी उसी वर्ष अपेक्षित है।

कैबिनेट ने इस परियोजना की संशोधित लागत को 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक (जो 2015 में तैयार किए गए शुरुआती अनुमान से लगभग दोगुना है) की मंजूरी दे दी है। लागत में वृद्धि के कारण आवश्यक लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च बजटीय सहायता के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने कैबिनेट को अवगत कराया कि उन्होंने B35 ट्रेनों के निर्माण की प्रक्रिया उस समय शुरू की जब जापानी पक्ष ने दिसंबर 2024 में सूचित किया कि मौजूदा E5 सीरीज की ट्रेनों का उत्पादन चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा रहा है। इसमें यह भी उल्लेख है कि जापान ने संकेत दिया था कि E10 ट्रेनों का निर्माण 2030 में शुरू होगा और वे 2034 तक संचालन (परिचालन) के लिए तैयार हो जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि E10 ट्रेनों की उपलब्धता पर उनके उपयोग या तैनाती की संभावनाओं की समीक्षा की जाएगी।

मंत्रालय ने कहा है कि स्वदेशी स्तर पर B28 हाई-स्पीड ट्रेनों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है और भारत अपना ‘भारत ट्रेन कंट्रोल सिस्टम’ भी विकसित करेगा। यह कदम चीन के स्वदेशी सीटीसीएस (CTCS) सिग्नलिंग और ट्रेन कंट्रोल सिस्टम की तर्ज पर है, जो पारंपरिक और हाई-स्पीड रेल नेटवर्क में गति, ट्रेनों के बीच की दूरी और सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करता है।

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