चीन की हिरासत में पहुंच गई थी इंटेलिजेंस टीम, डोभाल को लगा था करियर ख़त्म हो गया

नई दिल्ली/रूड़की : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में अपने करियर के शुरुआती दौर का एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि एक मिशन के दौरान उनकी इंटेलिजेंस टीम के कुछ लोग चीन की हिरासत में चले गए थे। उस वक्त डोभाल को लगा था कि इस घटना के बाद उनका करियर ख़त्म हो जाएगा।
डोभाल के मुताबिक़, वह उस समय एक युवा IPS अधिकारी थे और सिक्किम में इंटेलिजेंस से जुड़ी ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे। एक टीम को मिशन पर भेजा गया, लेकिन तय समय पर उसके सदस्य वापस नहीं लौटे। बाद में जानकारी मिली कि वे चीनी सेना की हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।
बातचीत के बाद टीम के सदस्य वापस लौटे। इसके बाद पूरे मामले की जांच हुई। डोभाल ने बताया कि जांच में उन्हें ज़िम्मेदार नहीं ठहराया गया। जांच में सामने आया कि टीम को दिए गए नक्शों और स्केच में ग़लतियां थीं।
इस घटना के बाद डोभाल काफी परेशान थे। इसी दौरान उनके साथ काम करने वाले एक बुज़ुर्ग तिब्बती शेरपा ने उनसे पूछा कि वह इतने परेशान क्यों हैं। शेरपा ने उन्हें ज़िंदगी का एक अहम सबक़ दिया।
उसने कहा कि किसी भी सफर में सबसे पहले यह पता होना चाहिए कि आप इस वक़्त कहां हैं, आपको कहां पहुंचना है और वहां पहुंचने का सही रास्ता क्या है।
डोभाल ने बताया कि शेरपा की यह छोटी-सी बात उनके लिए ज़िंदगी का बड़ा सबक़ बन गई। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि मुश्किल हालात या नाकामी को ज़िंदगी का आख़िरी पड़ाव नहीं समझना चाहिए, बल्कि अपनी स्थिति को समझकर आगे का रास्ता तय करना चाहिए।
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