सऊदी नेशनल डे समारोह में भारत-सऊदी रिश्तों की गर्मजोशी, रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर

नई दिल्ली:23 Sep-2026 (The Pillar India)
सऊदी अरब के 96वें राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित सऊदी दूतावास में आयोजित समारोह में भारत और सऊदी अरब के बीच गहरे होते रणनीतिक, आर्थिक और जन-से-जन संबंधों को रेखांकित किया गया। समारोह में सऊदी अरब के राजदूत और भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सऊदी राजदूत ने अपने संबोधन में किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद और क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान को राष्ट्रीय दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की गौरवशाली ऐतिहासिक यात्रा आज भी देश के नेतृत्व के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रही है।

राजदूत ने Vision 2030 को सऊदी अरब के परिवर्तन और विकास की महत्वपूर्ण दिशा बताते हुए कहा कि इसने चुनौतियों को अवसरों में बदलने और सऊदी अरब की वैश्विक आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने भारत-सऊदी संबंधों को सदियों पुराने सभ्यतागत, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि Saudi Arabia-India Strategic Partnership Council दोनों देशों के बीच सुरक्षा, निवेश, ऊर्जा और पर्यटन समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए व्यापक ढांचा प्रदान करता है।

विक्रम मिस्री ने भारत-सऊदी संबंधों को बताया ‘रणनीतिक साझेदारी
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सऊदी अरब के राष्ट्रीय दिवस पर वहां की सरकार और जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत और सऊदी अरब के संबंध आधुनिक लोकतांत्रिक दौर से कहीं पुराने हैं और सदियों से दोनों देशों के लोगों के बीच व्यापार, संस्कृति, ज्ञान और परंपराओं के माध्यम से संपर्क रहा है।
मिस्री ने कहा कि विश्वास, आपसी सम्मान और सद्भावना पर आधारित यह ऐतिहासिक रिश्ता आज व्यापार एवं निवेश, रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा, तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन तक फैली मजबूत रणनीतिक साझेदारी में बदल चुका है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2016, 2019 और 2025 में सऊदी अरब यात्राओं तथा क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की 2019 और 2023 में भारत यात्राओं को द्विपक्षीय संबंधों को गति देने वाला बताया।

हज और भारतीय समुदाय को बताया रिश्तों का अहम पुल
विदेश सचिव ने कहा कि हज और उमराह के तीर्थयात्री दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण मानवीय पुल हैं। उन्होंने 2026 के सफल हज के लिए सऊदी नेतृत्व को बधाई दी और बताया कि भारत को हज समन्वय और संचार की श्रेणी में दो ‘लब्बैकुम’ अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया।
मिस्री ने कहा कि सऊदी अरब में रहने वाले 27 लाख से अधिक भारतीय दोनों देशों के बीच एक जीवंत पुल की तरह हैं। उन्होंने सऊदी सरकार और अधिकारियों की ओर से भारतीय समुदाय को दिए जा रहे सहयोग और देखभाल की भी सराहना की।

AI, ग्रीन हाइड्रोजन और स्पेस में सहयोग की संभावनाएं
विक्रम मिस्री ने दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच प्राकृतिक पूरकता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के पास कुशल मानव संसाधन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, इनोवेशन और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की ताकत है, जबकि सऊदी अरब Vision 2030 के तहत बड़े स्तर पर परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।
उन्होंने कहा कि दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, स्पेस और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं।

मिस्री ने कहा कि भारत-सऊदी संबंधों की ताकत केवल आर्थिक आंकड़ों से नहीं मापी जा सकती। दोनों देशों के लोगों और संस्कृतियों के बीच सदियों पुराने संबंध इस साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
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उन्होंने कहा कि भारत और सऊदी अरब साझा इतिहास पर ही नहीं, बल्कि साझा भविष्य का निर्माण कर रहे हैं और आने वाले समय में दोनों देशों की दोस्ती और मज़बूत होने की उम्मीद है।
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