Jamiat-Ulama-e-Hind

जमीयत उलमा-ए-हिंद के 21वें फिक़्ही इज्तिमा में आधुनिक चिकित्सा और आर्थिक मामलों पर गहन चर्चा!

Fiqhi-Mabahis-819x1024 जमीयत उलमा-ए-हिंद के 21वें फिक़्ही इज्तिमा में आधुनिक चिकित्सा और आर्थिक मामलों पर गहन चर्चा!

नई दिल्ली, 24 सितंबर: जमीयत उलमा-ए-हिंद के इदारा-तुल-मबाहिस अल-फ़िक़्हिया के 21वें फिक़्ही इज्तिमा की दूसरी और तीसरी बैठक में आधुनिक चिकित्सा, ‘इआनत अला अल-मआसियत’ और आधुनिक आर्थिक लेन-देन से जुड़े कई जटिल फ़िक़्ही मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

दूसरी बैठक में गर्भपात, भ्रूण में जान पड़ने का समय, जन्मजात विकृतियां, मां की जान को ख़तरा, लाइलाज मरीज़ों का इलाज, वेंटिलेटर हटाने, अल्ट्रासाउंड और पर्दे के नियम समेत कई चिकित्सा संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई। इस विषय पर 163 मुफ्तियों ने शोध-पत्र प्रस्तुत किए।

तीसरी बैठक में बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑनलाइन कारोबार, वित्तीय सेवाओं, रोज़गार और तकनीक से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। Blinkit और Zomato जैसे प्लेटफॉर्म के ज़रिए शराब और अन्य नाजायज़ वस्तुओं की डिलीवरी, बैंकिंग सेवाओं में CSP की भूमिका तथा धार्मिक प्रतीकों और वस्तुओं की ख़रीद-बिक्री जैसे मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा रहे। इस विषय पर 101 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए।

बैठक में जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी समेत देश के विभिन्न मदरसों और प्रमुख इल्मी केंद्रों से जुड़े उलमा व मुफ्तियों ने भाग लिया। विभिन्न मुद्दों पर आगे की रिसर्च और अंतिम राय तैयार करने के लिए ड्राफ्टिंग कमेटियां गठित की गई हैं। आयोजकों के मुताबिक़, अंतिम फैसलों के बाद प्रस्ताव को मंज़ूरी दी जाएगी।

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