Opposition Meeting with President of India

राष्ट्रपति से मिले INDIA गठबंधन के नेता, ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सौंपा ज्ञापन: मल्लिकार्जुन खड़गे

Oposition-Meeting-with-President-of-India2-1024x635 राष्ट्रपति से मिले INDIA गठबंधन के नेता, ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सौंपा ज्ञापन: मल्लिकार्जुन खड़गे

INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाक़ात कर ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के सामने अपना पक्ष विस्तार से रखा।

खड़गे के मुताबिक़, विपक्षी नेताओं ने EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। राष्ट्रपति ने कथित वोट चोरी के मामलों के सबूत मांगे, जिन्हें गठबंधन की ओर से सौंपा जाएगा।

Oposition-Meeting-with-President-of-India1-1024x683 राष्ट्रपति से मिले INDIA गठबंधन के नेता, ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सौंपा ज्ञापन: मल्लिकार्जुन खड़गे

खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह देश के लोकतंत्र को कमजोर करने की दिशा में क़दम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने पूरे मामले की जांच करने, संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करने और उचित कार्रवाई पर विचार करने की बात कही है।

भाजपा ने राहुल गाँधी को घेरा

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आज महामहिम राष्ट्रपति महोदया ने INDI गठबंधन को मिलने का समय दिया था। राहुल गांधी और उनके नेतृत्व में इंडी गठबंधन के नेता, जो पिछले कई दिनों से अनर्गल, निराधार प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्होंने देश के सर्वोच्च संस्थान (राष्ट्रपति एक व्यक्ति नहीं हैं, वो देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था हैं) को लेकर ऐसा बयान दिया है, जो न सिर्फ विचित्र लगता है, बल्कि उसमें सच से ज्यादा सियासत की गंध आ रही है।

उनका ये कहना कि महामहिम राष्ट्रपति महोदया ने उनके आरोपों को स्वीकार कर लिया है, ये दर्शाता है कि राहुल गांधी देश की हर संवैधानिक संस्था को अपनी राजनीति का शिकार बनाने का दुष्चक्र रच रहे हैं। उन्होंने आज सारी सीमाएं पार कर दी हैं।

अंदर वास्तविकता में क्या बात हुई, ये तो वहां बैठा कोई व्यक्ति ही बता सकता है। परन्तु जिस समय राहुल गांधी ये बोल रहे थे, उनके साथ खड़े नेताओं की भाव-भंगिमा और उनके चेहरे के भाव ये साफ परिलक्षित कर रहे थे कि जो बोला जा रहा है, उसका सच से कोई सरोकार नहीं है।

राहुल गांधी का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड भी ये रहा है। वो देश के सर्वोच्च न्यायालय के बारे में झूठ बोलने के लिए बिना शर्त माफी मांग चुके हैं। इसके बाद, देश के मुख्य चुनाव आयोग पर वो निरंतर बिना किसी आधार के आरोप लगाते जा रहे हैं।

आज राष्ट्रपति के साथ हुई वार्ता को इस रूप में प्रस्तुत किया, जैसे वह उनकी सियासत को सूट करता है। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

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