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Basit Nadwi
3 सप्ताह ago
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J&K: वक्फ बोर्ड के शुक्रवार के खुत्बे के प्रस्ताव पर सियासी और धार्मिक विवाद

जावेद भट्ट, ब्यूरो प्रमुख, जम्मू-कश्मीर |द पिलर इंडिया
श्रीनगर, 13 अक्टूबर। जम्मू-कश्मीर में वक्फ बोर्ड की ओर से मस्जिदों और धार्मिक स्थलों में शुक्रवार के खुत्बे (जुमे के उपदेश) के लिए एक समान विषय तय करने के प्रस्ताव पर राजनीतिक और धार्मिक विवाद खड़ा हो गया है। कई राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और वक्फ बोर्ड पर मुसलमानों के धार्मिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया है।
वहीं, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी इस कदम का विरोध किया है। उन्होंने वक्फ बोर्ड का प्रशासन निर्वाचित सरकार को सौंपने की मांग करते हुए कहा कि समुदाय से जुड़े धार्मिक विमर्श का मार्गदर्शन स्थानीय धार्मिक विद्वानों को करना चाहिए।

मीरवाइज उमर फारूक, जो जम्मू-कश्मीर में धार्मिक और सामाजिक-धार्मिक संगठनों के साझा मंच मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा (MMU) के प्रमुख हैं, ने भी प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि धार्मिक मार्गदर्शन का अधिकार उलेमा, इमामों और मान्यता प्राप्त धार्मिक संस्थाओं के पास होना चाहिए।
वहीं, विधायक आगा मुंतज़िर मेहदी ने वक्फ बोर्ड की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बोर्ड को धार्मिक चर्चाओं के विषय तय करने के बजाय अपनी मुख्य जिम्मेदारी यानी वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए।राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों ने प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है। उनका आरोप है कि इस तरह के कदम धार्मिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप को बढ़ावा दे सकते हैं।

वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. दरख्शां अंद्राबी की सफाईविवाद के बीच जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. दरख्शां अंद्राबी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि बोर्ड ने वक्फ से संबद्ध मस्जिदों और धार्मिक स्थलों में शुक्रवार के खुत्बे के लिए कोई अनिवार्य आदेश जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसला स्वतंत्र धार्मिक विद्वानों और उपदेशकों पर निर्भर करता है।हालांकि, इससे पहले डॉ. अंद्राबी ने घोषणा की थी कि शुक्रवार के खुत्बों के लिए साझा विषयों की पहचान और उन्हें अंतिम रूप देने के वास्ते मुफ्तियों, इमामों और खतीबों की एक कोर कमेटी गठित की जाएगी।
इस संबंध में श्रीनगर स्थित जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड के केंद्रीय कार्यालय में मौलानाओं, मुफ्तियों, इमामों और खतीबों की बैठक हुई थी। इसमें बोर्ड के सदस्य भी शामिल हुए, जबकि जम्मू संभाग के धार्मिक प्रतिनिधियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया।बैठक में वक्फ से जुड़े धार्मिक संस्थानों में शुक्रवार के खुत्बों के विषयों में एकरूपता और धार्मिक विद्वानों के बीच समन्वय बनाए रखने पर चर्चा की गई।
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