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Basit Nadwi
3 सप्ताह ago
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‘लोकतंत्र की बहाली तक जारी रहेगा आंदोलन’: राहुल गांधी; खड़गे बोले—‘वोट चोरी’ के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष
इंडिया गठबंधन ने आंदोलन को बताया लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई; जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति और नागरिकों की आवाज उठाने के अधिकार पर सरकार को चुनौती देने का ऐलान, सुप्रीम कोर्ट से न्यायिक भूमिका निभाने की उम्मीद जताई।

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकतंत्र, संविधान और चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। मंगलवार को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली और नागरिकों की आवाज को मजबूत करना है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संचार विभाग की ओर से जारी 13 अक्टूबर 2026 की मीडिया ब्रीफिंग के अनुसार, राहुल गांधी ने आंदोलन को एक साझा संघर्ष बताते हुए कहा कि विपक्ष के अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हैं, बल्कि सभी का एक ही उद्देश्य है—भारत में लोकतंत्र की बहाली।

‘यह किसी पार्टी का नहीं, देश की जनता का आंदोलन है’
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दल एकजुट होकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की चुनावी व्यवस्था और संविधान को नुकसान पहुंचाया गया है। उनके मुताबिक, विपक्ष का लक्ष्य वास्तविक लोकतांत्रिक शासन की पुनर्स्थापना है।
उन्होंने पिछले दिन हुए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें केवल राजनीतिक दलों की भागीदारी नहीं थी, बल्कि आम नागरिकों ने भी अपनी आवाज उठाई। राहुल गांधी ने दिल्ली और देश के उन लोगों का आभार जताया, जिन्होंने आंदोलन के दौरान विपक्ष का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी नेता या राजनीतिक दल के हितों के लिए नहीं, बल्कि देश के नागरिकों और उनके भविष्य से जुड़ा है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के अधिकार को लेकर सरकार को चुनौती
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन का अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार यह तय नहीं कर सकती कि भारतीय नागरिक अपनी लोकतांत्रिक असहमति किस तरह व्यक्त करें।
उन्होंने संकेत दिया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर अपनाई गई व्यवस्था को चुनौती दी जाएगी। राहुल गांधी ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है।
हालांकि, इस मीडिया ब्रीफिंग में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन संबंधी किसी नए न्यायालयी आदेश या प्रशासनिक निर्णय का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की जिम्मेदारी इन लोगों पर है। उन्होंने कहा कि संविधान को नुकसान पहुंचाने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को अंत तक उठाता रहेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
ये आरोप राहुल गांधी के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। प्रेस ब्रीफिंग में इन आरोपों के समर्थन में कोई नया न्यायिक निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया शामिल थी।

‘आंदोलन आज नहीं तो कल, लेकिन अपने लक्ष्य तक पहुंचेगा’
राहुल गांधी ने आंदोलन की आगे की रणनीति पर विस्तार से जानकारी देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की टीम लगातार संघर्ष करती रहेगी और इसका उद्देश्य हासिल होने तक पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने अंग्रेजी शब्द ‘Perseverance’ का उल्लेख करते हुए निरंतर प्रयास और दृढ़ता पर जोर दिया। राहुल गांधी के अनुसार, आंदोलन आज, कल, कुछ महीनों या वर्षों में अपने लक्ष्य तक पहुंचे, लेकिन विपक्ष एकजुट होकर संघर्ष जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि जिस ऊर्जा, एकता और संगठन के साथ लोगों को लामबंद किया गया है, उसी तरह आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।

सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश से क्या उम्मीद?
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट, भारत के मुख्य न्यायाधीश और देश की न्यायिक व्यवस्था के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की अपनी भूमिका है और विपक्ष को उम्मीद है कि संबंधित संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन केवल न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर नहीं रहेगा। उनके मुताबिक, यदि किसी संस्था की भूमिका सीमित रहती है या कोई संस्था अपेक्षित कदम नहीं उठाती, तब भी राजनीतिक विरोध और जनता का प्रतिरोध जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लोगों की आवाज उठती रहेगी।

खड़गे ने विपक्ष की एकजुटता पर दिया जोर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले चार दिनों में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाया है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में बड़ी संख्या में युवा और अन्य लोग आंदोलन से जुड़े हैं।
खड़गे ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष इन मुद्दों को जनता के सामने लाने के लिए एकजुट है। इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी से अपनी बात रखने का अनुरोध किया।

पत्रकारों के योगदान की सराहना
राहुल गांधी ने मीडिया की भूमिका का उल्लेख करते हुए पत्रकारों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पत्रकार इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और उन्होंने साहस के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई है।
निष्कर्ष: 13 अक्टूबर की मीडिया ब्रीफिंग में कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन का आंदोलन चुनावी निष्पक्षता, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। राहुल गांधी ने आंदोलन को लंबे समय तक जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई, जबकि मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी एकजुटता और जनता की भागीदारी को रेखांकित किया। फिलहाल, प्रेस ब्रीफिंग में आंदोलन के अगले चरण की निश्चित तारीख या विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई।
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