आजमगढ़ की मतदाता सूची में ‘विकास यादव’ नाम 13 बार दर्ज मिलने पर कार्रवाई, 5 BLO और कंप्यूटर सहायक हटाने के निर्देश
सपा के आरोप की जांच में सामने आईं 11 अलग-अलग व्यक्तियों की प्रविष्टियां; 10 मतदाताओं के नाम और विवरण में सुधार के लिए भरवाए गए फॉर्म-8, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने आजमगढ़ की विधानसभा क्षेत्र संख्या 347 की मतदाता सूची में ‘विकास यादव’ नाम कई बार दर्ज होने के मामले में जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। समाजवादी पार्टी ने 15 अक्टूबर 2026 को प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में विकास यादव नाम के व्यक्ति का नाम 10 बार दर्ज है। मामले का संज्ञान लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच में हिंदी में ‘विकास यादव’ नाम की 13 प्रविष्टियां सामने आईं। इनमें से दो प्रविष्टियों को पहले ही नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जा चुकी थी। शेष 11 प्रविष्टियां आजमगढ़ जिले के 11 अलग-अलग व्यक्तियों से संबंधित पाई गईं, जो अपने-अपने गांवों में निवास कर रहे हैं।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इन 11 व्यक्तियों में वास्तविक विकास यादव को छोड़कर अन्य 10 व्यक्तियों के नाम और दूसरे विवरणों में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरवाए गए हैं। विज्ञप्ति में यह भी बताया गया कि समान नाम और समान पिता के नाम वाला एक मतदाता गोरखपुर जिले के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित है, जिसकी प्रविष्टि अन्य प्रविष्टियों से अलग है।

कंप्यूटर सहायक और पांच BLO को हटाने के निर्देश
निर्वाचन विभाग ने मामले में दोषी पाए गए मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को मतदाता सूची से संबंधित कार्यों से तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। उनकी सेवा समाप्त किए जाने के संबंध में नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा, संबंधित कंप्यूटर सहायक, बूथ लेवल अधिकारियों, तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कार्रवाई से पहले नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के निर्देश
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मतदाता सूची तैयार करने में पदीय दायित्वों के निर्वहन में कथित लापरवाही और पर्यवेक्षण में शिथिलता के मामले में तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने के लिए आरोप पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आजमगढ़ की सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच होगी

निर्वाचन विभाग ने जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की इसी बिंदु पर गहन जांच करने और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
यह कार्रवाई समाजवादी पार्टी की ओर से उठाए गए मुद्दे की जांच के बाद की गई है। हालांकि, विभागीय प्रेस विज्ञप्ति में संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की जानकारी है। इसमें यह नहीं कहा गया है कि सेवा समाप्ति या अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया अंतिम रूप से पूरी हो चुकी है।
दरअसल मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का यह मामला समाजवादी पार्टी द्वारा 15 अक्टूबर 2026 को उठाया गया था। पार्टी ने आरोप लगाया था कि आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में ‘विकास यादव’ नाम 10 बार दर्ज है। इसके बाद उत्तर प्रदेश निर्वाचन विभाग ने जांच कराई। विभाग की 24 अक्टूबर की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हिंदी में इस नाम की 13 प्रविष्टियां मिलीं, लेकिन वे 11 अलग-अलग स्थानीय व्यक्तियों से संबंधित थीं। जांच के आधार पर नाम और विवरणों में सुधार तथा संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
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