Molana Arshad Madani

अटलांटा में मौलाना अरशद मदनी का संबोधन: ईमान, तौहीद और आख़िरत पर दिया ज़ोर

Molana-Arshad-Madani-820x1024 अटलांटा में मौलाना अरशद मदनी का संबोधन: ईमान, तौहीद और आख़िरत पर दिया ज़ोर

अमेरिका के जॉर्जिया राज्य के अटलांटा में एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने ईमान की मज़बूती, तौहीद, फितना-ए-दज्जाल और आख़िरत के विभिन्न चरणों पर विस्तार से बात की।

मौलाना अरशद मदनी ने सूरह-ए-इब्राहीम की आयत का हवाला देते हुए कहा कि अल्लाह तआला ईमान वालों को दुनिया और आख़िरत दोनों में मज़बूत बात पर साबित-क़दम रखता है। उन्होंने कहा कि मज़बूत ईमान वाला व्यक्ति बड़ी से बड़ी मुश्किल, दबाव और विरोध के बावजूद अपने दीन और अक़ीदे से पीछे नहीं हटता।

अपने बयान में उन्होंने फितना-ए-दज्जाल का भी ज़िक्र किया और कहा कि आने वाले समय में एक बड़ा फितना सामने आएगा, लेकिन सच्चे ईमान वाले अपने अक़ीदे की हिफाज़त पर क़ायम रहेंगे।

आख़िरत के विषय पर उन्होंने क़ब्र को इंसान के लिए पहली अहम मंज़िल बताते हुए क़ब्र के सवालों और ईमान पर दृढ़ रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि इंसान को दुनिया की ज़िंदगी के साथ अपनी आख़िरत की भी तैयारी करनी चाहिए।

मौलाना अरशद मदनी ने लोगों को हलाल रोज़ी कमाने, नबी-ए-करीम ﷺ की सुन्नत और सीरत को अपनी ज़िंदगी में अपनाने तथा दुनिया और आख़िरत दोनों की कामयाबी के लिए प्रयास करने की नसीहत की।

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