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सीपीसीबी के आंकड़ों में 2026 में दिल्ली की हवा हुई खराब, सीएक्यूएम की रिपोर्ट में औसत आंकड़ा गायब

सीपीसीबी के आंकड़ों में 2026 में दिल्ली की हवा हुई खराब, सीएक्यूएम की रिपोर्ट में औसत आंकड़ा गायब

Ajay-Makan-Congress सीपीसीबी के आंकड़ों में 2026 में दिल्ली की हवा हुई खराब, सीएक्यूएम की रिपोर्ट में औसत आंकड़ा गायब

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दैनिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में दिल्ली की औसत वायु गुणवत्ता 2025 की तुलना में खराब रही। हालांकि, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की 30 सितंबर को जारी रिपोर्ट में जनवरी से सितंबर 2026 के औसत AQI का आंकड़ा शामिल नहीं किया गया है।

प्रमुख तथ्य

  • CPCB के दैनिक बुलेटिन के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान दिल्ली का औसत AQI 167.6 रहा, जबकि 2025 में यह 164.3 था।
  • जनवरी से अगस्त 2026 का औसत AQI 175.7 रहा, जबकि 2025 में यह 171.7 था।
  • CAQM ने जनवरी से अगस्त 2026 के लिए कोई सांख्यिकीय रिपोर्ट जारी नहीं की। वर्ष 2026 में अब तक उसकी ऐसी रिपोर्ट केवल 30 सितंबर को जारी हुई।
  • 2025 में जारी रिपोर्ट में जनवरी से सितंबर का औसत AQI 164 दिया गया था, जबकि 2026 की रिपोर्ट में यह औसत आंकड़ा शामिल नहीं है।
  • दोनों वर्षों में रिपोर्ट करने वाले 39 निगरानी केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में AQI 500 तक पहुंचने की अवधि कुल 796 स्टेशन-घंटे रही, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 256 स्टेशन-घंटे था।
  • फरवरी, मार्च, जुलाई और अगस्त 2026 में वायु गुणवत्ता पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में खराब रही।
  • जुलाई 2026 में औसत AQI 117.8 रहा, जबकि जुलाई 2025 में यह 78.4 था।
  • 2026 में अब तक 273 दिनों में केवल 60 दिन ऐसे रहे जब हवा की गुणवत्ता ‘अच्छी’ या ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रही। 2025 में यह संख्या 75 दिन थी।
  • CAQM की रिपोर्ट में PM2.5 के लिए 2026 और 2025 दोनों का आंकड़ा 69 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दिया गया है, फिर भी रिपोर्ट में इसे “PM2.5 के सबसे निचले स्तर” के रूप में बताया गया है।

सीपीसीबी के आंकड़ों में सामने आई स्थिति

CPCB के रोजाना शाम 4 बजे जारी होने वाले बुलेटिन के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान दिल्ली का औसत AQI 167.6 रहा, जबकि इसी अवधि में 2025 का औसत 164.3 था। जनवरी से अगस्त की अवधि में भी 2026 का औसत AQI 175.7 रहा, जबकि 2025 में यह 171.7 था।

2025 में CAQM ने मार्च से नवंबर के बीच आठ बार संचयी वायु गुणवत्ता आंकड़े जारी किए थे। इसके विपरीत, 2026 में जनवरी से अगस्त तक कोई ऐसी सांख्यिकीय रिपोर्ट जारी नहीं की गई और 30 सितंबर को वर्ष की पहली ऐसी रिपोर्ट सामने आई।

रिपोर्ट के अनुसार, जिन आठ महीनों की तुलना पिछले वर्ष से नहीं की गई, उनमें फरवरी, मार्च, जुलाई और अगस्त ऐसे महीने थे जिनमें वायु गुणवत्ता 2025 की तुलना में खराब रही। जुलाई 2026 में औसत AQI 117.8 दर्ज किया गया, जबकि जुलाई 2025 में यह 78.4 था।

2025 की रिपोर्ट से अलग है इस बार की तुलना

2025 में जारी CAQM की रिपोर्ट में जनवरी से सितंबर का औसत AQI 164 दिया गया था। इस वर्ष जारी रिपोर्ट में जनवरी से सितंबर का औसत आंकड़ा नहीं दिया गया है। साथ ही, इस बार की तुलना वर्ष 2022 से शुरू होती है, जबकि पिछले वर्ष की रिपोर्ट में तुलना 2018 से शुरू की गई थी।

PM2.5 के संबंध में भी रिपोर्ट में “सबसे निचले स्तर” का उल्लेख किया गया है, जबकि प्रकाशित आंकड़ों में 2025 और 2026 दोनों के लिए PM2.5 का स्तर 69 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दिया गया है। PIB द्वारा जारी रिपोर्ट के संस्करण में इसे “संयुक्त रूप से सबसे निचला स्तर” बताया गया है।

AQI 500 के स्तर पर कई घंटे

दोनों वर्षों में आंकड़े उपलब्ध कराने वाले 39 निगरानी केंद्रों के विश्लेषण के अनुसार, 2026 में AQI 500—जो AQI पैमाने की ऊपरी सीमा है—कुल 796 स्टेशन-घंटों में दर्ज किया गया। 2025 में यह आंकड़ा 256 स्टेशन-घंटे था।

इन घंटों के दौरान PM2.5 का औसत स्तर 439 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। रिपोर्ट के अनुसार, यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 24 घंटे की गाइडलाइन से लगभग 29 गुना अधिक है।

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अजय माकन ने CAQM के आंकड़ों पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता और सांसद अजय माकन ने कहा कि CPCB के अपने दैनिक बुलेटिन इस वर्ष दिल्ली की वायु गुणवत्ता में गिरावट की ओर संकेत करते हैं। उन्होंने CAQM द्वारा जनवरी से अगस्त तक कोई सांख्यिकीय रिपोर्ट जारी न किए जाने और 30 सितंबर की रिपोर्ट में जनवरी से सितंबर का औसत आंकड़ा नहीं दिए जाने पर सवाल उठाया।

माकन ने कहा कि दिल्ली में अभिभावकों, बुजुर्गों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए ऐसी जानकारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की जानकारी उपलब्ध न कराया जाना दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर विषय है।

CAQM के गैर-सरकारी सदस्यों को पत्र

अजय माकन ने 1 अक्टूबर को CAQM के दो गैर-सरकारी सदस्यों अरविंद वाबले और डॉ. अरुणाभ घोष को पत्र लिखा। दोनों सदस्य CAQM अधिनियम, 2021 की धारा 3(2)(h) के तहत आयोग से जुड़े हैं।

अपने पत्र में माकन ने CAQM अधिनियम की धारा 12(1), 12(2)(viii) और 13 के तहत आयोग की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए मांग की कि जनवरी से अगस्त 2026 के मासिक आंकड़े तथा जनवरी से सितंबर का औसत AQI सार्वजनिक किया जाए।

उन्होंने 2018 से शुरू होने वाली तुलना को फिर से शामिल करने तथा PM2.5 के संबंध में “सबसे निचले स्तर” के दावे को प्रकाशित आंकड़ों के अनुरूप स्पष्ट करने की भी मांग की है।

रिपोर्ट में उठाया गया मुख्य सवाल

प्रस्तुत विश्लेषण का मुख्य निष्कर्ष यह है कि CPCB के दैनिक आंकड़ों के अनुसार 2026 के पहले नौ महीनों में दिल्ली का औसत AQI 2025 की तुलना में अधिक रहा, जबकि CAQM की 30 सितंबर की रिपोर्ट में इस अवधि का औसत आंकड़ा प्रकाशित नहीं किया गया।

इस रिपोर्ट और अजय माकन के पत्र में CAQM से विस्तृत मासिक आंकड़े जारी करने तथा पिछले वर्षों के साथ तुलना को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने की मांग की गई है।

रिपोर्ट के साथ CAQM की 2025 और 2026 की प्रेस विज्ञप्तियां तथा अजय माकन का CAQM सदस्यों को लिखा पत्र भी संलग्न बताया गया है।

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