एकतरफा कार्रवाई और धार्मिक अधिकारों के उल्लंघन पर जमीयत का सख़्त रुख़!

Mahmood-Asad-Madani-819x1024 एकतरफा कार्रवाई और धार्मिक अधिकारों के उल्लंघन पर जमीयत का सख़्त रुख़!

नई दिल्ली: जमीयत उलेमा ए हिन्द के headquarter में आयोजित जमीयत की कार्यकारिणी की बैठक में मस्जिदों, मदरसों और धार्मिक अधिकारों से जुड़े मामलों पर गंभीर चिंता जताई गई। बैठक में राष्ट्रपति से मुलाक़ात का वक़्त मांगने और प्रभावित लोगों की शिकायतों को उच्च संवैधानिक स्तर पर उठाने का फैसला लिया गया। साथ ही पीड़ितों के अधिकारों और न्याय के लिए सभी उपलब्ध संवैधानिक और क़ानूनी मंचों का रुख़ करने का फ़ैसला किया गया।

जमीयत अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि अगर किसी एक समुदाय के ख़िलाफ एकतरफा कार्रवाई होती है और उसे प्रशासनिक स्तर पर संरक्षण मिलता है, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों और देशवासियों को निराश या भयभीत होने की ज़रूरत नहीं है। अपने संवैधानिक और क़ानूनी अधिकारों के लिए अहिंसक, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीक़े से संघर्ष जारी रखा जाएगा।

Jamiat के headquarter में मस्जिदों और मदरसों पर हो रही कार्रवाई, धार्मिक स्थलों से जुड़े हालिया विवादों और संवैधानिक अधिकारों को लेकर मौलाना महमूद मदनी की अध्यक्षता में Jamiat Ulama-i-Hind की वर्किंग कमेटी की अहम बैठक चल रही हैI बैठक में शरियत और मुसलमानों एवं उनके इदारों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही हैI

बैठक के बाद जमीयत की तरफ से आगे की रणनीति और कार्ययोजना सामने आने की उम्मीद है।https://www.facebook.com/reel/931888122876578

मस्जिद-मदरसों पर कार्रवाई को लेकर जमीयत की बैठक!

नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत में मौलाना महमूद मदनी ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में कार्रवाई भेदभावपूर्ण तरीक़े से की जा रही है और प्रभावित पक्षों को ऊपरी अदालत का रुख़ करने का पर्याप्त मौक़ा भी नहीं मिल रहा।

देखिए, बैठक से पहले मौलाना महमूद मदनी ने क्या कहा।https://www.facebook.com/ThePillarIndia

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