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चुनाव आयोग पर खोजी रिपोर्ट के बाद सियासी घमासान: राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त का मांगा इस्तीफा, बीजेपी का पलटवार

Raga-PC-on-CEC-731x1024 चुनाव आयोग पर खोजी रिपोर्ट के बाद सियासी घमासान: राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त का मांगा इस्तीफा, बीजेपी का पलटवार

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर “देशद्रोह” का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि CEC को इस्तीफा देकर कथित ‘वोट चोरी’ मामले में गवाह बनना चाहिए।

दिल्ली में पार्टी headquarter के इंदिरा भवन में आयोजित स्पेशल प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया कि 2024 लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कथित धांधली के सबूत जल्द सामने रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि “वोट चोरी के ज़िम्मेदार लोगों की जांच होगी और दोषियों को सज़ा मिलेगी।”

दरअसल अंग्रेजी समाचार पत्र ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित एक खोजी रिपोर्ट के बाद देश में चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस रिपोर्ट के सामने आने के तुरंत बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी प्रेस वार्ता कर पलटवार किया है।

क्या है ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खोजी रिपोर्ट में?

अखबार की खुलासेदार रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग के काम करने के तरीके को लेकर आयोग के भीतर से ही गंभीर सवाल उठे हैं।

  • 10 महीनों में 14 बार आपत्ति: चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आयोग के विभिन्न निर्णयों एवं प्रक्रियाओं पर 10 महीने की अवधि के भीतर 14 बार आधिकारिक रूप से अपनी असहमति दर्ज कराई।
  • गंभीर आरोप: दोनों चुनाव आयुक्तों ने निर्णय प्रक्रिया से खुद को दूर (अंधेरे में) रखे जाने, मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने तथा पुराने नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और कुछ कदमों को ‘अनधिकृत व गैरकानूनी’ बताते हुए उन पर आपत्ति जताई।

राहुल गांधी के प्रमुख आरोप और मांगे

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि वे पिछले तीन वर्षों से लगातार साक्ष्यों के साथ ‘वोटों की हेराफेरी’ का विषय उठाते रहे हैं और अब चुनाव आयोग के भीतर से आए बयान इस बात की पुष्टि करते हैं।

  • मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा व सरकारी गवाह बनने की मांग: राहुल गांधी ने लोकतंत्र की सुरक्षा का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार को सच्चाई सामने लाने के लिए ‘सरकारी गवाह’ बन जाना चाहिए।
  • ‘एंटी-इनकंबेंसी’ (सत्ता विरोधी लहर) का गायब होना: राहुल गांधी ने कहा कि हरियाणा, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में हर चुनाव के बाद सरकारें बदलने का पारंपरिक चलन रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी बांग्लादेश युद्ध जीतने और अपनी लोकप्रियता के शीर्ष पर होने के बावजूद चुनाव हार गई थीं, लेकिन वर्तमान में सत्ताधारी दल (बीजेपी) के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर जैसे पूरी तरह समाप्त हो गई है।
  • संविधान पर संकट: उन्होंने कहा कि मतदाता अधिकार और निष्पक्ष चुनाव ही भारत के लोकतंत्र और संविधान का आधार हैं। यदि वोट सुरक्षित नहीं हैं, तो संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं का कोई महत्व नहीं रह जाएगा।

बीजेपी का पलटवार: ‘राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल’

राहुल गांधी के आरोपों का करारा जवाब देने के लिए बीजेपी की ओर से राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कांग्रेस नेता पर कड़ा प्रहार किया।

राजनीतिक समझ की कमी का दावा: सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी को ‘राजनीतिक रूप से विवेक शून्य’ करार देते हुए कहा कि जब से देश में पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई है, तब से कांग्रेस के लिए सत्ता में वापसी करना बेहद कठिन हो गया है।

ऐतिहासिक आंकड़ों का हवाला: बीजेपी प्रवक्ता ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि 1967 के बाद तमिलनाडु, 1977 के बाद पश्चिम बंगाल, 1989 के बाद उत्तर प्रदेश, 1990 के बाद बिहार और 1999 के बाद से ओडिशा में कांग्रेस सत्ता से बाहर है।

गठबंधन पर निर्भरता: बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस के प्रति जनता में एंटी-इनकंबेंसी इतनी मजबूत हो चुकी है कि पार्टी अब सहयोगियों की बैसाखी के बिना अपनी सीटें भी जीतने की स्थिति में नहीं रही है।

‘टाइम आएगा, हम आपको पकड़ेंगे’: चुनाव आयोग पर खोजी रिपोर्ट को लेकर और क्या बोले राहुल गाँधी

इस रिपोर्ट को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया’वोट की चोरी संविधान पर हमला’

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी करना देश की जनता के साथ धोखा और भारतीय संविधान पर सीधा आघात है।

  • गंभीर आरोप: कांग्रेस नेता ने कहा कि वोट की हेराफेरी में शामिल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और चुनाव आयोग के अधिकारियों ने राष्ट्रविरोधी कृत्य किया है।
  • न्याय का आश्वासन: उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में देश की जनता को इंसाफ जरूर मिलेगा।

चुनाव अधिकारियों को सीधी चेतावनी: ‘समय आने पर जवाबदेही तय होगी’

साझा किए गए वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को स्पष्ट लहजे में सतर्क किया:

“मैं चुनाव आयोग और इससे जुड़े अधिकारियों को साफ तौर पर चेता रहा हूं कि आप जो कर रहे हैं, वह पूरी तरह गलत और राजद्रोह की श्रेणी में आता है। समय आएगा और हम आपको पकड़ेंगे, कोई भी बचने नहीं पाएगा।”

खोजी रिपोर्ट और विपक्ष का रुख

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्तियां उठाई थीं। इस खुलासे के बाद से ही विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। राहुल गांधी के इस कड़े बयान ने इस मुद्दे पर सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है।

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