70 साल के जलील अख़्तर को 87 दिन बाद मिली ज़मानत!

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर के बगरोई गांव निवासी 70 वर्षीय जलील अख़्तर को कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में 87 दिनों तक हिरासत में रखा गया। पुलिस ने 19 जून की रात उन्हें उनके घर से उठाया था, जिसके बाद उन्हें डिटेंशन सेंटर और इस्लामपुर जेल में रखा गया।
एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) और उसकी क़ानूनी टीम ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए जलील अख़्तर के सरकारी पहचान और नागरिकता संबंधी दस्तावेज़ अदालत के सामने पेश किए। इनमें वोटर आईडी, पैन कार्ड और 1995 से मौजूद मतदाता सूची के रिकॉर्ड शामिल थे।

मजिस्ट्रेट के निर्देश पर दस्तावेज़ों का सत्यापन कराया गया। इसके बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनकी उम्र, कोई आपराधिक पूर्व रिकॉर्ड न होने और सरकारी रिकॉर्ड के सत्यापन को ध्यान में रखते हुए ज़मानत मंज़ूर की। जलील अख़्तर को 15 सितंबर को रिहा कर दिया गया।
अदालत ने कहा कि इन परिस्थितियों में उन्हें आगे हिरासत में रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
Share this content:



Post Comment