हाइफ़ा की लड़ाई से BRICS तक: फ़िलिस्तीनी राजदूत ने भारत-फ़िलिस्तीन संबंधों पर रखी बात

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नई दिल्ली: फ़िलिस्तीन दूतावास में ‘द बैटल ऑफ़ हाइफ़ा’ फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान भारत और फ़िलिस्तीन के साझा इतिहास, गाज़ा की मौजूदा स्थिति, BRICS शिखर सम्मेलन और भारत की फ़िलिस्तीन के प्रति भूमिका को लेकर अहम चर्चा हुई। ‘द पिलर इंडिया’ की रिपोर्टर शमशी फिरदौस ने फ़िलिस्तीनी राजदूत सालेह अकद से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की।

हाइफ़ा की लड़ाई पर बात करते हुए राजदूत सालेह अकद ने कहा कि फ़िलिस्तीन में साझा इतिहास को लेकर एक ऐसी कहानी पेश किए जाने की कोशिश हो रही है, जिसे वह ऐतिहासिक रूप से गलत मानते हैं। उनके मुताबिक, 1918 में ब्रिटिश या भारतीय सैनिकों के हाइफ़ा को “आज़ाद कराने” के लिए फ़िलिस्तीन पहुंचने की व्याख्या भारत और फ़िलिस्तीन के साझा इतिहास के संदर्भ में सही नहीं है।

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राजदूत ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए करीब आठ पन्नों का एक दस्तावेज़ तैयार किया है। इसके अलावा फ़िलिस्तीन दूतावास की ओर से लगभग 13-14 मिनट का एक वीडियो और एक ‘पोजीशन पेपर’ भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर भारत के अकादमिक जगत, इतिहासकारों और अन्य प्रमुख हस्तियों के बीच चर्चा को बढ़ाने के लिए 500 से अधिक पत्र भेजे गए हैं।

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BRICS घोषणापत्र में फ़िलिस्तीन का जिक्र

BRICS शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र में गाज़ा और फ़िलिस्तीन से जुड़े बिंदुओं पर प्रतिक्रिया देते हुए सालेह अकद ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मेलन के आयोजन और परिणामों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि परिणाम दस्तावेज़ में फ़िलिस्तीन, दो-राष्ट्र समाधान और फ़िलिस्तीनी लोगों के विस्थापन तथा नस्लीय सफाए को खारिज करने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को जगह दी गई है।

अमेरिका द्वारा महमूद अब्बास के वीज़ा पर सवाल

फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के अमेरिकी वीज़ा को लेकर राजदूत ने इसे “विरोधाभास” का विषय बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कुछ ईरानी अधिकारियों को वीज़ा जारी किया, जबकि राष्ट्रपति अब्बास को संयुक्त राष्ट्र महासभा में फ़िलिस्तीन के मुद्दे पर बोलने के लिए अनुमति नहीं दी गई।

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भारत से फ़िलिस्तीन की उम्मीदें

भारत द्वारा फ़िलिस्तीन में 200 बेड के अस्पताल के निर्माण के सवाल पर राजदूत ने इसे महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही अस्पताल का निर्माण शुरू करेगा। इसके साथ ही उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा घोषित वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर की परियोजना का भी उल्लेख किया।

सालेह अकद ने कहा कि फ़िलिस्तीन को भारत सरकार और भारतीय लोगों से बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने भारत के पारंपरिक और ऐतिहासिक रूप से फ़िलिस्तीनी लोगों के समर्थन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समर्थन आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।

द पिलर इंडिया, नई दिल्ली

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