10 दिनों में दूसरी बार ‘Journo Mirror’ का Instagram अकाउंट भारत में ब्लॉक, प्रेस की स्वतंत्रता पर उठे सवाल

नई दिल्ली: डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘जर्नो मिरर’ (Journo Mirror) के आधिकारिक Instagram अकाउंट को भारत में एक बार फिर Withheld/Restricted कर दिया गया है। महज़ 10 दिनों के भीतर प्लेटफॉर्म के अकाउंट पर दूसरी बार हुई इस कार्रवाई ने डिजिटल मीडिया और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Instagram अकाउंट खोलने पर उपयोगकर्ताओं को एक संदेश दिखाई दे रहा है, जिसमें बताया गया है कि भारत में लागू सूचना प्रौद्योगिकी (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules के तहत क़ानूनी आवश्यकताओं के कारण इस अकाउंट तक पहुंच को अस्थायी रूप से सीमित किया गया है।
बिना पूर्व सूचना कार्रवाई का आरोप: ‘जर्नो मिरर’ की संपादकीय टीम ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि संस्थान को प्रतिबंध लगाए जाने से पहले कोई पूर्व सूचना, ईमेल या स्पष्ट कारण उपलब्ध नहीं कराया गया।
संपादकीय टीम का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई के पीछे स्पष्ट जानकारी का अभाव पारदर्शिता को लेकर चिंता पैदा करता है। संस्थान ने Meta और Instagram से प्रतिबंध का स्पष्ट आधार और संबंधित कानूनी प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

SIR विरोधी प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग से जोड़कर देखे जाने की आशंका: ‘जर्नो मिरर’ की संपादकीय टीम ने आशंका व्यक्त की है कि Instagram अकाउंट पर की गई कार्रवाई का संबंध SIR (Special Intensive Revision) के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों की निरंतर और स्वतंत्र रिपोर्टिंग से हो सकता है।
हालांकि, संस्थान ने स्पष्ट किया है कि उसे इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में कार्रवाई और उसकी रिपोर्टिंग के बीच किसी सीधे संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिर भी, कार्रवाई का समय डिजिटल मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारिता की भूमिका को लेकर सवाल जरूर खड़े करता है।

Meta और Instagram से पारदर्शिता की मांग, ‘जर्नो मिरर’ ने Meta और Instagram से मांग की है कि:
अकाउंट प्रतिबंधित किए जाने के स्पष्ट कानूनी आधार और कारण सार्वजनिक किए जाएं।
कार्रवाई की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।
प्रभावित मीडिया संस्थानों को अपना पक्ष रखने और फैसले को चुनौती देने के लिए निष्पक्ष एवं प्रभावी अपील व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

यदि किसी सामग्री या रिपोर्टिंग को लेकर आपत्ति है, तो उसके संबंध में विशिष्ट जानकारी और कानूनी आधार उपलब्ध कराया जाए।
‘स्वतंत्र पत्रकारिता जारी रहेगी’: संस्थान ने अपने बयान में कहा है कि वह मानवाधिकार, भेदभाव, सामाजिक न्याय और वंचित तबक़ों से जुड़े मुद्दों पर अपनी निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग जारी रखेगा।

डिजिटल दौर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म समाचार संस्थानों और स्वतंत्र पत्रकारों के लिए सूचना के प्रसार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। ऐसे में किसी मीडिया प्लेटफॉर्म के सोशल मीडिया अकाउंट पर बार-बार लगने वाली पाबंदियां न केवल डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े व्यापक सवाल भी सामने लाती हैं।
फिलहाल, इस मामले में Meta/Instagram या संबंधित सरकारी प्राधिकरण की ओर से प्रतिबंध के विशिष्ट कारणों को लेकर कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित पक्ष इस कार्रवाई के संबंध में आगे क्या जानकारी सार्वजनिक करते हैं।
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