AkhileshYadev meets Azam Khan in Rampur Jail

“आज़म थे, आज़म हैं और आज़म रहेंगे…”

रामपुर की जेल में आज हुई अखिलेश यादव और आज़म ख़ान की मुलाक़ात ने एक बार फिर सियासत के साथ-साथ रिश्तों की तस्वीर सामने रख दी।

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अखिलेश यादव ने मुलाक़ात के बाद कहा कि आज़म ख़ान और उनके परिवार ने जिस तरह का अन्याय झेला है, वैसा शायद ही किसी दूसरे राजनीतिक परिवार ने झेला हो।

आज़म ख़ान के साथ खड़े होकर अखिलेश ने सिर्फ एक नेता से मुलाक़ात नहीं की, बल्कि एक पुराने सियासी रिश्ते और भरोसे को भी सार्वजनिक तौर पर मज़बूती देने का संदेश दिया।

सियासत में वक़्त बदलता है, हालात बदलते हैं, लेकिन कुछ नाम अपनी जगह बनाए रखते हैं।

आज़म ख़ान उन्हीं नामों में से एक हैं।और अखिलेश का संदेश साफ था;“आज़म थे, आज़म हैं और आज़म रहेंगे…”

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अखिलेश यादव ने कहा कि “रामपुर की धरती से आदरणीय आज़म खान साहब के लिए हमारा यही ऐलान है : जो आज़म थे, वो आज़म हैं, वो आज़म रहेंगे।

फ़र्ज़ी मुक़दमों में इतनी ताक़त नहीं है कि वो सच को क़ैद कर सकें। षड्यंत्र रचकर किसी को क़ैद में रखनेवाला भी हमेशा अपने दिमाग़ की जेल में डरके मारे बंद रहता है क्योंकि उसे हर पल यही डर सताता है कि कल को जब सच सामने आयेगा तो उसे अपने किये की सज़ा भुगतनी ही होगी। वो कल की सज़ा के बारे में सोच-सोचकर अंदर-ही-अंदर गलता-डरता रहता है।

भ्रष्ट अधिकारी और फ़र्ज़ी मुक़दमे भाजपाई शासन-प्रशासन के दो अहम हथियार हैं। जब भी भाजपा की नाइंसाफ़ी का इतिहास लिखा जाएगा रामपुर का नाम सबसे ऊपर आयेगा।

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जौहर यूनिवर्सिटी को बंद करने की साज़िश दरअसल पीडीए से पढ़ाई के अधिकार को छीनने का षड्यंत्र है। जो हज़ारों स्कूल बंद कर सकते हैं वो यूनिवर्सिटी को क्या छोड़ेंगे। ये दक़ियानूसी नकारात्मक भाजपाई लोग आदरणीय आज़म ख़ान जी से इसलिए चिढते हैं क्योंकि ये ख़ुद कभी आज़म साहब की तरह तरक़्क़ीपसंद और सकारात्मक नहीं हो सकते हैं।

भाजपा का इल्म और तालिम से छत्तीस का आँकड़ा है। इल्म के मामले में भाजपा सिफ़र है।

बदले की भावना रखनेवाली भाजपा को जनता हमेशा के लिए बदल देगी।”

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