Molana Arshad Madani on Masajid

आज शहीद की जा रही मस्जिदें इंशाअल्लाह फिर होंगी आबाद, सत्ता में बैठे लोग कल नहीं रहेंगे: मौलाना अरशद मदनी

Molana-Arshad-madani-on-Masajid-819x1024 आज शहीद की जा रही मस्जिदें इंशाअल्लाह फिर होंगी आबाद, सत्ता में बैठे लोग कल नहीं रहेंगे: मौलाना अरशद मदनी

देवबंद, 27 अक्टूबर 2026। दारुल उलूम देवबंद में राब्ता-ए-मदारिस इस्लामिया के सम्मेलन को संबोधित करते हुए जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने मस्जिदों और मदरसों को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में मुसलमानों के साथ-साथ इस्लाम, उनकी धार्मिक पहचान और संस्थानों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

मौलाना मदनी ने कहा कि मस्जिदों की इमारतें गिराई जा सकती हैं, लेकिन मुसलमानों के दिलों से ईमान को ख़त्म नहीं किया जा सकता। सोवियत संघ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि इस्लाम को मिटाने की कोशिश करने वाले ख़ुद इतिहास का हिस्सा बन गए।

उन्होंने विश्वास जताया कि आज जिन मस्जिदों को शहीद किया जा रहा है, वे इंशाअल्लाह एक दिन फिर आबाद होंगी। साथ ही उन्होंने मुसलमानों से निराश न होने और सब्र, हौसले, एकता तथा दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

मौलाना मदनी ने नई पीढ़ी की धार्मिक और नैतिक शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों के ईमान, चरित्र और सही प्रशिक्षण की ज़िम्मेदारी मदरसों के साथ माता-पिता की भी है।

Share this content:

You May Have Missed