मेवात में जमीयत उलेमा ए हिन्द का इजलास शुरू
मस्जिदों पर बुलडोज़र कार्रवाई और मदरसों को परेशान करने के ख़िलाफ प्रस्ताव पास

नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026हरियाणा के मेवात स्थित नूंह में जमीयत उलेमा ए हिन्द की दो दिवसीय मजलिस ए मुंतज़िमा का वार्षिक सम्मेलन शुरू हुआ। जमीयत अध्यक्ष मौलाना महमूद असअद मदनी ने ध्वजारोहण के साथ सम्मेलन का उद्घाटन किया। इसमें देशभर से करीब 2,000 सदस्य, उलेमा और प्रमुख पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं।सम्मेलन के पहले दिन मस्जिदों, ईदगाहों और अन्य धार्मिक स्थलों पर बुलडोज़र कार्रवाई रोकने, मदरसों को जांच और मान्यता के नाम पर परेशान किए जाने पर रोक लगाने तथा समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।जमीयत ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों से मांग की कि मस्जिदों के ख़िलाफ बिना उचित क़ानूनी प्रक्रिया के की जाने वाली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए। साथ ही 1991 के प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट का पालन सुनिश्चित करने और धार्मिक स्थलों से जुड़े नए विवादों को शुरुआती स्तर पर ही ख़ारिज करने की मांग की।सम्मेलन में यह भी फैसला लिया गया कि जमीयत की सभी प्रांतीय, जिला और तहसील इकाइयां केंद्रीय नेतृत्व की ओर से तय एक ही तारीख़ को संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगी। मस्जिदों की जमीन और क़ानूनी दस्तावेज़ों की जांच एवं उन्हें दुरुस्त करने के लिए छह महीने का समय भी निर्धारित किया गया है।मदरसों के संबंध में प्रस्ताव में कहा गया कि उन्हें संविधान के तहत मिले अधिकारों और संरक्षण की गारंटी दी जाए तथा उनके ख़िलाफ भ्रामक प्रचार और उत्पीड़न बंद किया जाए।सम्मेलन कल (31 अक्टूबर) तक जारी रहेगा। इसमें मौजूदा राष्ट्रीय परिस्थितियों, मुसलमानों के सामाजिक, शैक्षणिक और संगठनात्मक मुद्दों पर अन्य प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे। मौलाना महमूद मदनी का महत्वपूर्ण संबोधन भी सम्मेलन का प्रमुख हिस्सा होगा।#JamiatUlamaeHind @JamiatUlama_in @mubashirjuh
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