मुसलमान इस देश के किरायेदार नहीं, हिस्सेदार हैं: मौलाना महमूद मदनी

1000381957-819x1024 मुसलमान इस देश के किरायेदार नहीं, हिस्सेदार हैं: मौलाना महमूद मदनी

नूंह (हरियाणा), 31 अक्टूबर: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने देश में मुसलमानों की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि मुसलमानों को देश में दोयम दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिशें की जा रही हैं।मेवात में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हम किरायेदार नहीं, बल्कि इस देश के हिस्सेदार हैं। यह देश हमारा है और हम किसी राजनीतिक पार्टी के एहसान से यहां नहीं हैं। हमारे बुज़ुर्गों ने इस देश के लिए क़ुर्बानियां दी हैं।”मौलाना मदनी ने सवाल उठाया कि क्या इस देश में मुसलमान होना जुर्म है? उन्होंने कहा कि देश का बंटवारा पहले ही हो चुका है, ऐसे में मुसलमानों को उनकी राष्ट्रीय पहचान और देश में उनके अधिकारों पर सवालों के घेरे में खड़ा करना ठीक नहीं है।उन्होंने बुलडोज़र कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ लोग बुलडोज़र को ही इंसाफ समझने लगे हैं, जबकि बुलडोज़र सिर्फ घरों पर नहीं, बल्कि इंसाफ पर भी चलता है।Jamiat Ulama-i-,

Share this content:

You May Have Missed