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Basit Nadwi
3 सप्ताह ago
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APCR का कोलकाता में राज्य स्तरीय सम्मेलन, नागरिक अधिकारों और न्यायिक स्वतंत्रता पर चर्चा

कोलकाता, 11 अक्टूबर 2026: एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) ने कोलकाता के साइंस सिटी कन्वेंशन सेंटर में ‘लॉयर्स एंड एक्टिविस्ट्स फॉर जस्टिस’ शीर्षक से पश्चिम बंगाल राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया। इसमें न्यायिक स्वतंत्रता, नागरिक अधिकारों, शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा पर चर्चा हुई।
सम्मेलन में बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अभय महादेव थिपसे, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, प्रोफेसर अपूर्वानंद और मानवाधिकार कार्यकर्ता नदीम ख़ान समेत कई क़ानूनी विशेषज्ञों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
वक्ताओं ने क़ानून के निष्पक्ष अनुप्रयोग, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा पर ज़ोर दिया। प्रशांत भूषण ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान वकीलों और कार्यकर्ताओं की हिरासत पर चिंता जताई, जबकि जस्टिस थिपसे ने नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए स्वतंत्र न्यायपालिका को महत्वपूर्ण बताया।

हेल्पलाइन और नई पहल की शुरुआत:
सम्मेलन में APCR ने पश्चिम बंगाल के लिए हेल्पलाइन नंबर 8100010233 जारी किया। इसके माध्यम से कानूनी सहायता, मानवाधिकार संबंधी शिकायतों, मतदाता अधिकारों और तथ्यान्वेषण से जुड़ी मदद उपलब्ध कराने की पहल की गई।
इसके अलावा, संस्था ने मतदाता सूची में नाम बहाल कराने के उद्देश्य से ‘नाम-बहाली पहल’ शुरू की। इसके लिए https://namerestoration.apcrbengal.org/ वेबसाइट जारी की गई, जिसके जरिए लोग मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को आवेदन सौंप सकते हैं।
सम्मेलन में वक्ताओं ने नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को सामूहिक ज़िम्मेदारी बताते हुए लोगों से कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद बनाए रखने और संवैधानिक अधिकारों के लिए प्रयास जारी रखने की अपील की।
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