मालेगांव चुनाव विवाद: दुआ और ‘आमीन’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, याचिका ख़ारिज

नई दिल्ली/मालेगांव | महाराष्ट्र: मालेगांव सेंट्रल विधानसभा सीट से जुड़े चुनाव विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार शान-ए-हिंद निहाल अहमद की याचिका ख़ारिज कर दी है। मामला चुनाव प्रचार के दौरान AIMIM विधायक मुफ्ती इस्माइल अब्दुल ख़ालिक द्वारा दुआ करने और मौजूद लोगों के ‘आमीन’ कहने से जुड़ा था।
2024 के विधानसभा चुनाव में मुफ्ती इस्माइल ने 1,09,653 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शेख आसिफ शेख़ राशिद को 1,09,491 वोट मिले। जीत का अंतर महज़ 162 वोट रहा। समाजवादी पार्टी के शान-ए-हिंद निहाल अहमद को 9,624 वोट मिले।
चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए दलील दी गई कि चुनाव प्रचार के दौरान दुआ और सामूहिक रूप से ‘आमीन’ कहे जाने को चुनावी प्रक्रिया में अनुचित प्रभाव के तौर पर देखा जाना चाहिए। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस आधार को स्वीकार नहीं किया और मुफ्ती इस्माइल के चुनाव को बरकरार रखा।
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां 25 सितंबर को जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भी अपील ख़ारिज कर दी। इस तरह फिलहाल मुफ्ती इस्माइल की चुनावी जीत क़ायम है।
इस पूरे घटनाक्रम ने मालेगांव की मुस्लिम राजनीति और धार्मिक अभिव्यक्ति को लेकर बहस भी तेज़ कर दी है। ख़ास तौर पर यह सवाल उठ रहा है कि चुनावी विवाद में धार्मिक प्रार्थना और ‘आमीन’ जैसे धार्मिक व्यवहार को चुनौती देने का व्यापक असर क्या हो सकता था।
ग़ौरतलब है कि मालेगांव सेंट्रल सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी 78 प्रतिशत से अधिक बताई जाती है और 2024 के चुनाव में शीर्ष तीन प्रमुख उम्मीदवारों में मुस्लिम उम्मीदवार शामिल थे। हैरत की बात यह है कि इजतिमाई दुआ और आमीन के ख़िलाफ कोर्ट जाने वाले कोई हिन्दू नहीं, बल्कि मुसलमान ही थे।
विवाद का एक और राजनीतिक पहलू यह है कि चुनावी प्रतिद्वंद्विता के बावजूद स्थानीय स्तर पर दोनों विरोधी खेमों के बीच राजनीतिक सहयोग के उदाहरण भी सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं ने नगर निकाय चुनावों में भी मुफ्ती इस्माइल के राजनीतिक प्रभाव के ख़िलाफ मिलकर चुनाव लड़ा था।
मामला अब सिर्फ एक चुनावी जीत-हार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सवाल भी उठा रहा है कि चुनावी क़ानून और धार्मिक स्वतंत्रता की सीमाएं एक-दूसरे से किस तरह जुड़ती हैं।
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