Election Commission of India on Indian Express investigative report

SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली-महाराष्ट्र में बढ़ी समयसीमा, BLO घर-घर जाएंगे!

चुनाव आयोग की प्रेस रिलीज़ में इंडियन एक्सप्रेस की खोजी रिपोर्ट में उठाए गए सवालों का बिंदु वार जवाब

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नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को एक अहम बैठक में मतदाताओं की सुविधा, पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई फैसले लिए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की पूर्ण पीठ की मंजूरी के बाद आयोग ने प्रेस नोट (सं. ECI/PN/120/2026) जारी कर इन दिशा-निर्देशों की घोषणा की

भारत निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर की पूर्ण आयोग बैठक में SIR से जुड़े कई अहम फैसलों में दिल्ली में दावे-आपत्तियों की अंतिम तारीख़ 30 अक्टूबर और महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर 2026 कर दी गई है।

SIR में अनमैपिंग या तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस पाने वाले लोगों के दस्तावेज BLO घर-घर जाकर जुटाएंगे और ECINet पर अपलोड करेंगे। सामान्य परिस्थितियों में उन्हें ERO/AERO कार्यालय जाने की ज़रूरत नहीं होगी।

रैन बसेरों, मज़दूरों, ग़रीबों और बेघर लोगों के लिए विशेष हेल्प डेस्क और कैंप लगाए जाएंगे। SIR पूरा कर चुके 20 राज्यों/UTs में छूटे हुए और नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए भी विशेष अभियान चलेगा।

ख़ास बात ये है कि प्रेस रिलीज़ के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू व डॉ. विवेक जोशी की एक साथ तस्वीर जारी की गई। आयोग ने बताया कि ये फैसले पूर्ण आयोग की मंज़ूरी से लिए गए हैं।

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राष्ट्रय चुनाव आयोग दुवारा जारी प्रेस रिलीज़ में और किया कहा गया:

1. नोटिस मिलने पर दफ्तर जाने की जरूरत नहीं, घर आएंगे BLO

  • दस्तावेजों का संकलन: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन मतदाताओं को ‘अनमैप्ड’ (unmapped) या तार्किक विसंगतियों (logical discrepancies) के कारण नोटिस जारी हुआ है, उन्हें अब ERO या AERO दफ्तर नहीं जाना होगा। बीएलओ (BLO) खुद मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज एकत्रित करेंगे और उन्हें ECINet पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
  • ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा: किसी भी असाधारण परिस्थिति में यदि सुनवाई जरूरी समझी जाती है, तो वह मुख्य रूप से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन हियरिंग की सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।
  • परिवार का सदस्य दे सकेगा उपस्थिति: यदि आवश्यक हो, तो मतदाता अपने परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकता है।

2. बेघरों और कामगारों के लिए विशेष कैंप

  • जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) को निर्देश दिया गया है कि वे रैन बसेरों (night shelters) में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों और बेघर नागरिकों के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क बनाएं और आवश्यकतानुसार विशेष कैंप आयोजित करें ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे।

3. दिल्ली और महाराष्ट्र में तारीखों का विस्तार

राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) के अनुरोध पर आयोग ने दावों और आपत्तियों की समय-सीमा आगे बढ़ा दी है:

  • दिल्ली: दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 तक और इनके निस्तारण (disposal) की तारीख 30 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।
  • महाराष्ट्र: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर 2026 और निस्तारण की तारीख 10 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।

4. फॉर्म 6 पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर और नई व्यवस्था

  • आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR के लिए फॉर्म 6 के साथ लगे घोषणा-पत्र (declaration) को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने वैध ठहराया है।
  • गैर-SIR अवधि (Non-SIR period) के दौरान मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत लागू सामान्य फॉर्मों का ही उपयोग जारी रहेगा।

5. ECINet सिस्टम की IIT/IIIT विशेषज्ञ करेंगे समीक्षा

  • फील्ड अधिकारियों को उनकी कानूनी शक्तियों के आधार पर ही ECINet का रोल-बेस्ड एक्सेस दिया गया है।
  • वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (Sr. DEC) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनेगी, जिसमें IIT/IIIT के एक स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह समिति पोर्टल की समीक्षा कर रिपोर्ट सौंपेगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सिस्टम सभी नियमों और अधिनियमों के अनुरूप है।
  • भविष्य में आईटी से जुड़े सभी नए प्रोजेक्ट्स को आयोग से मंजूरी मिलने से पहले ‘कमेटी ऑफ ऑफिसर्स’ (COO) में प्रस्तुत किया जाएगा।

6. छूटे हुए मतदाताओं के लिए स्पेशल ड्राइव

  • बिहार और पश्चिम बंगाल सहित देश के 20 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का कार्य पूरा हो चुका है।
  • SIR के दौरान छूटे हुए लोग और पहली बार बने युवा मतदाता निरंतर अद्यतन प्रक्रिया (continuous updation) के तहत संबंधित ERO को फॉर्म भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए देश भर में तत्काल विशेष अभियान (Special Drive) शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • गोवा का उदाहरण: गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने छूटे हुए वोटरों के घर-घर जाकर फॉर्म एकत्रित करने के आदेश दिए हैं; वहां 97 में से 81 वोटरों ने नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 भर दिया है।

7. आंतरिक प्रशासनिक सुधार और स्पष्टीकरण

  • मीटिंग एजेंडा और मिनट्स: आयोग की बैठकों का एजेंडा पहले से सदस्यों को वितरित किया जाएगा और बैठक के बाद आधिकारिक मिनट्स (कार्यवृत्त) जारी किए जाएंगे।
  • मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR): सभी अधिकारियों की वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) हर साल 31 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी।
  • विदेश यात्रा व अनुशासन: अधिकारियों की विदेश यात्राओं के लिए आयोग से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, चुनाव आयुक्तों द्वारा दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।
  • कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र पर स्थिति स्पष्ट: आयोग ने साफ किया कि कैबिनेट सचिव को लिखा गया पत्र किसी नीतिगत विषय या आईटी डिवीजन से संबंधित नहीं था, बल्कि डेपुटेशन पर आए एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा मामला था। आईटी डिवीजन की निगरानी कभी भी वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (DEC) से वापस नहीं ली गई थी।
  • SIR की पृष्ठभूमि: 24 जून 2025 को बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का सर्वसम्मत आदेश जारी हुआ था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 को वैध ठहराया था। शेष 12 राज्यों के तीसरे चरण के अंतिम प्रकाशन के बाद ही मतदाताओं के अंतिम आंकड़े सामने आएंगे।

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