ब्रिक्स सम्मेलन से पूर्व दिल्ली में जल भराव की दिक्कत
सड़कों की बदहाली, ट्रेफिक जाम और अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे में जलभराव पर देश और राजधानी की छवि धूमिल होने को लेकर कांग्रेस पार्टी चिंतित है। – अनिल भारद्वाज

नई दिल्ली, 5 सितम्बर, 2026 –
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव व पूर्व विधायक श्री अनिल भारद्वाज ने कहा कि 12-13 सितम्बर को देश की राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन की तैयारी हो रही है, लेकिन दिल्ली की सड़कों की हालत देखकर सरकार की तैयारियों की पोल खुल रही है। थोड़ी सी बारिश में ही दिल्ली जलमग्न हो जाती है, सड़कें तालाब बन जाती हैं और घंटों तक भीषण जाम लगा रहता है, जिस पर उपराज्यपाल तक ने चिंता जताई है। कांग्रेस की चिंता है कि यदि सरकार ने जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया, तो ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान देश की राजधानी की तस्वीर पूरी दुनिया के सामने शर्मनाक तरीके से पेश होगी।
जब दिल्ली की सरकार दो घंटे की बारिश नहीं संभाल पा रही, तो अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान दिल्ली की प्रतिष्ठा और देश की छवि कैसे संभालेगी? सरकार को दिखावे और प्रचार से बाहर निकलकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए। कहीं ऐसा तो नही जिस तरह जी-20 सम्मेलन के दौरान करोड़ों रुपये खर्च कर केवल चुनिंदा इलाकों को चमकाने की कोशिश की गई और असल समस्याओं को छिपाया गया, उसी तरह ब्रिक्स सम्मेलन के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है। यह बड़ा सवाल है कि आखिर थोड़ी सी बारिश में दिल्ली की व्यवस्था क्यों चरमरा जाती है? क्या अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को भी जलभराव, टूटी सड़कों और ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ेगा?
दिल्ली सरकार से मांग है कि ब्रिक्स सम्मेलन से पहले जलभराव और यातायात की बदहाल व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, क्योंकि महज दो घंटे की बारिश में देश की राजधानी के इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अंदर और आसपास जलभराव होना बेहद शर्मनाक और विफलता को दर्शाता है। दिल्ली को विश्वस्तरीय राजधानी बनाने के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार की तैयारियों की पोल मानसून की बारिश में खुल गई है।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव संगठन एवं पूर्व विधायक श्री भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने 2010 में काॅमनवैल्थ गेम का सफल आयोजन कराकर दुनिया के सामने मिसाल रखी थी, जबकि 2010 में काॅमनवैल्थ गेम से पहले लगातार बारिश हो रही थी परंतु कांग्रेस सरकार ने फिर भी सारी तैयारी करके काॅमनवैल्थ गेम का सफल आयोजन किया। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजन करने के लिए सरकार की सभी एजेंसियों को एकजुटता और साथ काम करना होता है, जो 2010 में कांग्रेस ने करके दिखाया। मौजूदा हालात को देखते हुए ब्रिक्स सम्मेलन की भाजपा सरकार की तैयारियों और प्रशासनिक क्षमता पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है।
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