पीएम मोदी से मुलाक़ात के 8 दिन बाद असग़र अली वोरा को मिली ज़मीन, 15 साल पुराने विवाद में बड़ा मोड़!

मीरा रोड (भायंदर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन के दोस्त बताए जाने वाले 81 वर्षीय असग़र अली वोरा को अपनी विवादित ज़मीन वापस मिलने की राह साफ हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाक़ात के महज़ आठ दिन बाद क़रीब 15 साल पुराने इस भूमि विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।
असग़र अली वोरा ने 8 सितंबर को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर अपनी ज़मीन पर कथित कब्जे की शिकायत की थी और मामले में न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर तेजी दिखाई गई।
वोरा के मुताबिक़, उन्होंने 1989 में भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में करीब 2,810 वर्ग मीटर ज़मीन खरीदी थी। उनका आरोप था कि वर्ष 2011 में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी कंपनी ‘सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन्स’ और स्वयं बिल्डर्स ने इस ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर लिया। वोरा का कहना था कि वह पिछले क़रीब 15 वर्षों से ज़मीन वापस पाने के लिए सरकारी और प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे।
प्रधानमंत्री से मुलाक़ात के बाद मामले में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ी। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी की अध्यक्षता में मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें दोनों पक्षों के अधिकारी और भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता भी शामिल हुए।
बैठक के बाद मामले में महत्वपूर्ण फैसला सामने आया। विधायक नरेंद्र मेहता ने टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट को पत्र लिखकर विवादित ज़मीन का क़ब्ज़ा छोड़ने और प्लॉट को मिली निर्माण अनुमति (कंस्ट्रक्शन परमिशन) सरेंडर करने की घोषणा की।
इसके साथ ही मेहता ने वोरा के ख़िलाफ पहले दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत वापस लेने की बात भी कही है।
क़रीब डेढ़ दशक से चले आ रहे विवाद में हुए इस घटनाक्रम के बाद असग़र अली वोरा को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाक़ात के कुछ ही दिनों बाद मामले में हुआ यह बदलाव अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
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