‘अगर ऐसे लोग हिंदू नहीं तो RSS कार्रवाई क्यों नहीं करती?’

संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर मौलाना अरशद मदनी का सवाल

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वाशिंग्टन/नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका में दिए गए बयान पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने सवाल उठाए हैं। भागवत ने कहा था कि “जो मुसलमानों को भारत से निकालना चाहता है, वह हिंदू नहीं है।”

भागवत के इस बयान का उल्लेख करते हुए मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि यदि मुसलमानों को देश से निकालने की बात करने वाला व्यक्ति हिंदू नहीं है, तो ऐसे लोगों के ख़िलाफ RSS अपने संगठन के स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं करती।

मदनी ने सवाल उठाया कि मुसलमानों और ईसाइयों के ख़िलाफ कथित तौर पर नफ़रत फैलाने, मॉब लिंचिंग और हिंसा का समर्थन करने, आर्थिक एवं सामाजिक बहिष्कार की अपील करने तथा मस्जिदों, मदरसों और शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने वालों के ख़िलाफ RSS ने अब तक क्या कार्रवाई की है।

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उन्होंने कहा कि अमेरिका में एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात करना स्वागत योग्य है, लेकिन इस संदेश की ज़रूरत भारत में भी है। मौलाना मदनी के मुताबिक़, यदि भागवत अपने विचार को वास्तव में अमल में लाना चाहते हैं, तो उन्हें नफरत फैलाने वालों से सार्वजनिक रूप से दूरी बनानी चाहिए और उनके ख़िलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

मौलाना मदनी ने यह भी कहा कि भारत किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि सभी धर्मों को मानने वालों का साझा वतन है। उन्होंने संविधान में मिले समान अधिकारों की रक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि नफ़रत फैलाने वालों पर कार्रवाई कब होगी और समान अधिकारों की सुरक्षा ज़मीन पर कब दिखाई देगी?

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