UPI चार्ज को लेकर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला!
क्या अब UPI भी नहीं रहेगा पूरी तरह फ्री?

क्या अब UPI भी नहीं रहेगा पूरी तरह फ्री?
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक़ ₹2,000 से ज़्यादा के UPI पेमेंट पर चार्ज लगाने का रास्ता साज़ हो गया है। सरकार ने कल रात जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
पहले व्यवस्था यह थी कि किसी भी UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लिया जाता था। अब ₹2,000 से अधिक के पेमेंट पर कितना शुल्क लगाया जाएगा, इसका फैसला NPCI (National Payments Corporation of India) करेगा।
बताया जा रहा है कि यह शुल्क 0.3% से 0.5% के बीच हो सकता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी दुकानदार को ₹5,000 का UPI पेमेंट मिलता है, तो संभावित शुल्क करीब ₹15 से ₹25 हो सकता है।
हालांकि, इस शुल्क का भुगतान ग्राहक को नहीं करना होगा, बल्कि यह मर्चेंट/दुकानदार पर लागू होगा।
वहीं, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (P2P) के बीच UPI ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, चाहे लेनदेन की राशि कितनी भी हो।

राहुल गाँधी ने बोला हमला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने UPI पर प्रस्तावित Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।
राहुल गांधी ने X पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा: “Modi ji, roll back the UPI tax. Now.”
मामला ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यापारी (P2M) UPI लेनदेन पर MDR लागू किए जाने से जुड़ा है। सरकार के मुताबिक़ यह शुल्क ग्राहकों से सीधे नहीं लिया जाएगा और P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को होने वाले UPI ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं होगा। सरकार ने यह भी कहा है कि लगभग 96% merchant transactions प्रभावित नहीं होंगे।
वहीं राहुल गांधी का तर्क है कि MDR का बोझ अंततः व्यापारियों के ज़रिए ग्राहकों तक पहुंच सकता है। उन्होंने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए UPI पर प्रस्तावित चार्ज को वापस लेने की मांग की है।
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