Obama on Trump

ओबामा ने ट्रंप को घेरा: युद्ध में अमेरिकी मारे गए, सैकड़ों घायल; मिसाइलें ख़र्च करने और होर्मुज़ पर ईरान के दबदबे का उठाया मुद्दा

Obama-on-Trump-821x1024 ओबामा ने ट्रंप को घेरा: युद्ध में अमेरिकी मारे गए, सैकड़ों घायल; मिसाइलें ख़र्च करने और होर्मुज़ पर ईरान के दबदबे का उठाया मुद्दा

व्हाइट हाउस की युद्ध नीति पर सवाल, ट्रंप की गंभीरता पर भी निशाना; आख़िर में राष्ट्रपति भवन की सजावट पर कसा तंज़

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और उनके कामकाज को लेकर तीखी टिप्पणी की है। युद्ध के मुद्दे पर ट्रंप को घेरते हुए उन्होंने अमेरिकी सैनिकों की मौत, सैकड़ों लोगों के घायल होने, मिसाइलों के इस्तेमाल और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर ईरान के बढ़ते प्रभाव जैसे गंभीर सवाल उठाए। ओबामा की इन टिप्पणियों का मुख्य निशाना ट्रंप का युद्ध संबंधी फैसला और उसके अमेरिका पर पड़ने वाले नतीजे हैं।

ओबामा के हवाले से कहा गया, “बिना बात युद्ध शुरू किया गया। युद्ध में अमेरिका के लोग मारे गए हैं। सैकड़ों घायल हुए हैं। हमने अपनी मिसाइलें ख़र्च कर दी हैं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर ईरान का वीटो पावर हो गया है, जहाँ से तेल दुनिया के बाज़ारों तक पहुँचता है।”

उन्होंने आगे कहा, “ये लोग गंभीर नहीं हैं। और समस्या यह है कि क़ीमत अंततः आपको ही चुकानी पड़ती है।”

इस बयान में ट्रंप की युद्ध नीति के साथ-साथ उसके आर्थिक और रणनीतिक परिणामों पर भी सवाल उठाए गए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज़ से बेहद अहम समुद्री मार्ग है। ऐसे में इस क्षेत्र में ईरान के प्रभाव को लेकर चिंता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है।

व्हाइट हाउस की सजावट पर भी ट्रंप को घेरा

युद्ध के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाने के बाद ओबामा की ट्रंप पर की गई एक दूसरी टिप्पणी भी चर्चा में है। उन्होंने व्हाइट हाउस में ट्रंप की सजावट और रेनोवेशन के प्रति दिलचस्पी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति भवन को ऐसा बना दिया है, मानो सद्दाम हुसैन ने वहां कोई ‘चीज़केक फ़ैक्टरी’ खोल दी हो।

ओबामा ने तंज़ कसते हुए कहा कि व्हाइट हाउस में हर तरफ सोना ही सोना दिखाई देता है और ट्रंप का पूरा ध्यान होम रेनोवेशन पर रहता है।

इस तरह, ट्रंप पर ओबामा की टिप्पणियों में एक तरफ युद्ध के फैसलों और उनके परिणामों को लेकर गंभीर सवाल हैं, तो दूसरी तरफ राष्ट्रपति भवन की भव्य सजावट को लेकर राजनीतिक व्यंग्य भी है।

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