सपा कार्यालय मुज़फ्फरनगर पर मनाई गई बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि
कांशीराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर सपाइयों ने दी श्रद्धांजलि, बहुजन समाज के अधिकारों, समानता और राजनीतिक भागीदारी के लिए किए गए संघर्ष को किया याद

मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, समानता, बहुजन समाज के अधिकारों और वंचित वर्गों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कांशीराम द्वारा किए गए संघर्ष को याद किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि मान्यवर कांशीराम ने समाज के शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें राजनीतिक भागीदारी दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तहसील मंसूरी, जिला महासचिव सोमपाल कोरी, जिला कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र पंवार, जिला उपाध्यक्ष सुरेश प्रजापति, महिला सभा जिलाध्यक्ष पूजा अंबेडकर सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।सभी ने कांशीराम के जीवन संघर्ष और उनके विचारों को याद करते हुए सामाजिक समानता की दिशा में उनके योगदान को नमन किया।
सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने मान्यवर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के दबे-कुचले, शोषित और वंचित वर्गों को जागरूक करने तथा उन्हें अधिकार और सम्मान दिलाने के संघर्ष में लगा दिया। उनका जीवन सामाजिक समानता और राजनीतिक भागीदारी की दिशा में किए गए ऐतिहासिक प्रयासों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसा वातावरण तैयार करना जरूरी है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान मिले और किसी के साथ जाति अथवा सामाजिक स्थिति के आधार पर भेदभाव न हो। सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए महापुरुषों के विचारों को याद करने के साथ उन्हें अपने व्यवहार और कार्यों में अपनाना भी आवश्यक है। जिया चौधरी ने कहा कि मान्यवर कांशीराम के विचार आज भी समाज के वंचित वर्गों को जागरूक होने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी निभाने की प्रेरणा देते हैं। उनके संघर्ष और विचारों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मान्यवर कांशीराम ने बहुजन समाज को संगठित करने और सामाजिक व राजनीतिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया। उन्होंने समाज के उन वर्गों को अपनी आवाज बुलंद करने की प्रेरणा दी, जिन्हें लंबे समय तक पर्याप्त प्रतिनिधित्व और अवसरों से वंचित रहना पड़ा।वक्ताओं ने कहा कि कांशीराम ने सामाजिक बदलाव के लिए संगठन की ताकत और राजनीतिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। उनके प्रयासों ने देश की राजनीति में बहुजन समाज के प्रतिनिधित्व और अधिकारों से जुड़े सवालों को प्रमुखता प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी बात रखने और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिले।
सामाजिक भेदभाव समाप्त करने, समान अवसर उपलब्ध कराने और कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए। पुण्यतिथि कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में स्थायी बदलाव लाने के लिए आपसी भाईचारा, जागरूकता और सभी वर्गों के प्रति सम्मान की भावना जरूरी है। महापुरुषों के विचार समाज को सही दिशा देने के साथ लोगों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हैं। सपा नेताओं ने कहा कि मान्यवर कांशीराम का जीवन संघर्ष इस बात की प्रेरणा देता है कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया जाए तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रयास किए जाएं।
कार्यक्रम में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तहसीन मंसूरी, जिला महासचिव सोमपाल कोरी, जिला कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र पंवार, जिला उपाध्यक्ष सुरेश प्रजापति, महिला सभा जिलाध्यक्ष पूजा अंबेडकर, अंबेडकर वाहिनी के जिलाध्यक्ष लोकेंद्र कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बालेंद्र मौर्य, सभासद सुंदर सिंह, सलीम मलिक, संजय जानिया, रामपाल सिंह पाल, सैयद मेहंदी, वीरेंद्र सिंह प्रधान, डॉ. चंद्र प्रकाश, गगन मावी, अब्दुल वहाब त्यागी, बैरम खान, जॉनी कुमार, अर्जुन स्मार्ती और श्याम सुंदर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सभी ने मान्यवर कांशीराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, समानता और बहुजन समाज के अधिकारों से जुड़े विचारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मान्यवर कांशीराम का जीवन सामाजिक बदलाव, राजनीतिक जागरूकता और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष का प्रतीक है। उनके विचार आज भी लोगों को समानता, सम्मान और न्याय के लिए प्रयास करने की प्रेरणा देते है।
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