सऊदी अरब में सुरक्षा संकट: 7 नवंबर तक उड़ानों पर रोक, मक्का-मदीना में फँसे भारतीयों की वापसी के लिए सरकार सक्रिय

नई दिल्ली | 25 अक्टूबर 2026
सऊदी अरब में बिगड़ते सुरक्षा हालात और हवाई अड्डों के आसपास हमलों की घटनाओं के बीच भारत से आने-जाने वाली उड़ानों पर असर जारी है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद और दम्माम के लिए अपनी उड़ानें 7 नवंबर तक, जबकि जेद्दा के लिए सेवाएँ 31 अक्टूबर तक निलंबित रखने का फैसला किया है। इससे सऊदी अरब में मौजूद भारतीय नागरिकों, विशेषकर उमरा के लिए गए यात्रियों की वापसी प्रभावित हो रही है।
कब से बिगड़े हालात?
अक्टूबर के पहले सप्ताह से ही सऊदी अरब के लिए उड़ानों पर असर पड़ने लगा था। 8 अक्टूबर को एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की रियाद जाने वाली उड़ानों को 10 अक्टूबर तक रद्द किए जाने की ख़बर आई थी। इसके बाद सुरक्षा स्थिति और हवाई अड्डों पर हमलों से जुड़ी घटनाओं के बीच विमानन कंपनियों ने बार-बार प्रतिबंधों की अवधि बढ़ाई। 22 अक्टूबर तक कई भारतीय एयरलाइंस की सेवाएँ प्रभावित थीं। अब एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कुछ मार्गों पर निलंबन नवंबर तक बढ़ा दिया है।
भारतीय यात्रियों की वापसी के लिए क्या कर रही है सरकार?
विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास प्रभावित यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए एयरलाइंस और उमरा टूर ऑपरेटरों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
सरकारी जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह उपलब्ध उड़ानों के जरिए करीब 3,000 ऐसे उमरा यात्रियों की भारत वापसी हुई, जिनकी यात्रा उड़ान रद्द होने से प्रभावित हुई थी। इनके अलावा नियमित उड़ानों से 10,000 से अधिक अन्य उमरा यात्री भी भारत लौटे हैं। बाकी यात्रियों की वापसी के लिए व्यवस्थाओं पर काम जारी है।
मक्का-मदीना में फँसे यात्रियों की मुश्किलें:
उड़ानें रद्द होने से बुजुर्गों, नियमित दवाएँ लेने वाले लोगों और सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवारों की परेशानियाँ बढ़ी हैं। उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले के एक गाँव के 22 उमरा यात्रियों की वापसी भी प्रभावित हुई। परिजनों के अनुसार, यात्रा की तारीख़ आगे बढ़ने से ठहरने, खाने और दवाओं का अतिरिक्त ख्र्च उठाना पड़ रहा है।
मक्का-मदीना के इलाक़ों में गिरे मिसाइलों के टुकड़े, सऊदी अरब में अलर्ट!
सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, शनिवार को मक्का और मदीना के इलाक़ों में मिसाइलों के टुकड़े गिरने की सूचना मिली। बताया गया है कि ये टुकड़े यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोकने के बाद गिरे।
हूतियों को ईरान का समर्थन प्राप्त है। मक्का और मदीना इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहर हैं।
दूतावास और वाणिज्य दूतावास की व्यवस्था:
भारतीय मिशनों ने यात्रियों की सहायता के लिए 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम बनाए हैं। स्थानीय भारतीय समुदाय और स्वयंसेवकों की मदद से ज़रूरतमंदों को भोजन, ज़रूरी दवाएँ और अन्य सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही।
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