ऑल इंडिया सीरत कमेटी द्वारा सफ़ेद लिबास, अमन के सफ़ेद झंडों से सजाकर सादगी से निकाला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस
शांति, भाईचारे, मानवता से प्रेम-मोहब्बत का दिया संदेश

कोटा, 26 अगस्त
ऑल इंडिया सीरत कमेटी द्वारा पैगम्बरे इस्लाम के 1501 साला जन्मदिन के अवसर पर नयापुरा चमन होटल से दोपहर 1 बजे ईद मिलादुन्नबी का जुलूस शुरू हुआ। पूरा माहौल दुरूद की रूहानियत में डूबा रहा।
जुलूस के दौरान समाजजन सफेद लिबास, सफेद झंडों में शांति का संदेश देते हुए चलते रहे। हर घर नबी के नाम पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया।
ऑल इंडिया सीरत कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिफ खान ने बताया ईद मिलादुन्नबी का जुलूस मौलाना फज़्ले हक़, राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया सीरत कमेटी के नेतृत्व व राष्ट्रीय महासचिव व नियाज़ अहमद निक्कू के तत्वाधान (संयोजन) में निकाला गया।
जुलूस की सरपरस्ती सैय्यद तफ़ज़्ज़लुर्रहमान, सैय्यद ज़िया हैदर ज़ैदी, मौलाना अलाउद्दीन अशरफ़ी व समाजसेवी मोहम्मद मियाँ ने की।
जुलूस में शहर के उलेमा व इमाम 12 बग्घियों पर बैठकर मेहमाने एजाज़ी के तौर पर जुलूस की रौनक बढ़ाते रहे।
खुशहाली का संदेश

सबसे आगे गाड़ी पर पैगम्बरे इस्लाम के गुम्बदे ख़ज़रा का नक्शा, जो हरे रंग का है, आकर्षण का केंद्र बना, जो खुशहाली का संदेश दे रहा था। एक गाड़ी पर मौलाना नौशाद उलेमाओं के साथ नात, “खुशियां मनाओ सोना आया रे, अमन के झंडे लहराओ सोना आया रे” पढ़ते रहे।
खूबसूरत गुलदस्तों से सजी साइकिलों पर मदरसे के बच्चे अमन-मोहब्बत के संदेशों की तख्तियां लेकर मोहब्बत का पैगाम देते रहे।
तख्तियों पर शराब व नशे को छोड़ने, मां-बाप का अदब करने, पड़ोसी का हक़ अदा करने, औरतों का सम्मान, पिछड़े व गरीबों को गले लगाने के संदेश लिखे थे, जो पैगम्बरे इस्लाम की शिक्षाओं पर आधारित हैं।
संदेश साम्प्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए था। ऊंट गाड़ी में दारुल उलूम अता-ए-रसूल रज़ा नगर कोटा के बच्चे दफ बजाकर मदीने के आशिकों के हुज़ूर की विलादत की खुशी को दर्शा रहे थे।
जीप गाड़ी में उलेमा-ए-किराम व ऑल इंडिया सीरत कमेटी के पदाधिकारी सवार होकर मुबारकबाद देते रहे।
ऑल इंडिया सीरत कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा एक पौधा नबी के नाम लगाया व शहर के विभिन्न स्थानों, मोहल्लों में हजारों पौधे लगाए गए।
रास्ते में समाजजनों ने उलेमाओं का माला पहनाकर भव्य स्वागत कर ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी। जगह-जगह पानी की सबीलें लगाकर अकीदतमंदों को फ्रूट बांटकर तबर्रुक भेंट किया।
जुलूस हाज़िरा दरगाह पर जलसे में बदल गया।

ऑल इंडिया सीरत कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना फज़्ले हक़ ने पैगम्बरे इस्लाम की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नबी ने फरमाया, जो तुमसे रिश्ता तोड़े, उससे रिश्ता जोड़ो, बदले की शक्ति रखो मगर माफ करो, अच्छे कार्य उसका श्रेय लेने की नीयत से मत करो।
मां-बाप के कदमों के नीचे जन्नत है, बेटियों का सम्मान करो, पड़ोसी का ख्याल करो चाहे वो किसी धर्म के हों, नफरत करने वालों से भी मोहब्बत करो। वतन से मोहब्बत सच्चे मोमिन की पहचान है। उसकी आन, बान, शान का हमेशा सम्मान करो।
जलसे को मौलाना अलाउद्दीन अशरफ़ी, मौलाना कमरुद्दीन अशरफ़ी, हाफ़िज़ नसीम ने भी संबोधित किया।
ऑल इंडिया सीरत कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव नियाज़ अहमद निक्कू, सरपरस्त मोहम्मद मियाँ, राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिफ खान, हशरुद्दीन पठान, ज़फर अली आदि ने प्रशासन व आमजन का आभार व्यक्त किया।
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