जामिया ने हॉस्टल मेस की घटना से जुड़े CCTV फुटेज की जांच करने तथा किसी बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए समिति का गठन किया

नई दिल्ली, 14 सितंबर, 2026
जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) ने कल चार-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। यह समिति स्कूल के एक हॉस्टल की मेस से जुड़े CCTV वीडियो फुटेज की जांच करेगी और उस घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाएगी जिसमें एक स्टूडेंट की दाल की कटोरी में गिरगिट होने का आरोप लगाया गया था। जामिया इस फुटेज की जांच के लिए सरकारी जांच एजेंसियों से भी सक्रिय रूप से मदद ले रही है।
CCTV फुटेज में हॉस्टल में रहने वाला एक स्टूडेंट अपनी दाल की कटोरी को मेस की मेज़ के नीचे ले जाते हुए दिखाई देता है। इसके बाद, स्टूडेंट के एक समूह ने कथित तौर पर हंगामा किया और आरोप लगाया कि कटोरी में गिरगिट मिला है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया है कि समिति पूरे फुटेज की निष्पक्ष जांच करेगी, जिसमें घटना से पहले की परिस्थितियां और इसमें शामिल लोगों की भूमिका व कार्यों की समीक्षा शामिल होगी।
चार-सदस्यीय समिति को तथ्यों का पता लगाने और यह निर्धारित करने का काम सौंपा गया है कि क्या यह घटना किसी जानबूझकर की गई गड़बड़ी या विश्वविद्यालय के हॉस्टल मेस को बदनाम करने की कोशिश का हिस्सा थी। जामिया प्रशासन ने निर्देश दिया है कि यदि कोई जानबूझकर की गई गड़बड़ी, मनगढ़ंत बात, गलत जानकारी या अन्य कदाचार साबित होता है, तो इस घटना में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
जामिया इस बात पर जोर देता है कि उसके हॉस्टल मेस कई दशकों से स्टूडेंट को सेवा दे रहे हैं और भोजन की गुणवत्ता व स्वच्छता की नियमित रूप से हॉस्टल प्रशासन (जिसमें प्रोवोस्ट, वार्डन, केयरटेकर शामिल हैं) और हॉस्टल में रहने वालों से बनी मेस समितियों द्वारा निगरानी की जाती है। यह भी उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के अधिकारी, जिनमें कुलपति और रजिस्ट्रार शामिल हैं, कभी-कभी छात्र-छात्राओं के हॉस्टल मेस में दोपहर और रात का भोजन करते हैं ताकि छात्र-छात्राओं को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर नज़र रखी जा सके। विश्वविद्यालय यह भी बताता है कि दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में उसके मेस शुल्क सबसे कम हैं, जबकि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जाते हैं। पारदर्शिता और लगातार निगरानी को बेहतर बनाने के लिए, यूनिवर्सिटी ने अपने सभी हॉस्टल मेस और उनकी रसोई में और CCTV कैमरे लगाने का फ़ैसला किया है। इस सर्विलांस सिस्टम से रसोई और मेस एरिया में खाना बनाने, कैटरिंग और उससे जुड़ी दूसरी गतिविधियों पर 24/7 नज़र रखी जा सकेगी।

जामिया प्रशासन ने उन सुनियोजित कोशिशों पर भी गहरी चिंता जताई है, जिनसे हॉस्टल के सामान्य कामकाज और बड़े एकेडमिक माहौल को खराब करने की कोशिश की जा रही है। इसमें निराधार आरोप लगाना, गलत जानकारी फैलाना या सोशल मीडिया पर रील और वीडियो शेयर करने जैसी विघटनकारी गतिविधियां शामिल हैं। प्रशासन ने साफ़ कर दिया है कि जो भी व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी फैलाता है या ठोस और वेरिफ़ाई करने लायक सबूतों के बिना आरोप लगाता है, उस पर मौजूदा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जामिया, स्टूडेंट्स से अपील करता है कि वे ऐसी बिना वेरिफ़ाई की गई सामग्री (जिसमें सोशल मीडिया कंटेंट/ वीडियो और क्लिप शामिल हैं) को शेयर न करें, जिन्हें जानबूझकर 105 वर्ष से ज़्यादा पुराने इस संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के लिए बनाया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्टूडेंट्स को भरोसा दिलाया है कि खाने की क्वालिटी, साफ़-सफ़ाई या हॉस्टल की सुविधाओं से जुड़ी असली चिंताओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। जामिया फिर से दोहराता है कि स्टूडेंट्स और निवासियों के लिए सुरक्षित, अनुकूल और सहयोगी माहौल बनाए रखना उसका मुख्य उद्देश्य है। साथ ही, विद्यार्थियों के एकेडमिक हितों की रक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हॉस्टल और मेस में सबसे अच्छे तौर-तरीकों और ऊँचे स्टैंडर्ड्स का पालन हो।
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