विकसित भारत के लक्ष्य के लिए टीम इंडिया’ के रूप में काम करना चाहिए: राजनाथ सिंह

विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं को एकजुट ‘टीम इंडिया’ के हिस्से के रूप में काम करना चाहिए: राजनाथ सिंह

1000324785 विकसित भारत के लक्ष्य के लिए टीम इंडिया' के रूप में काम करना चाहिए: राजनाथ सिंह

लखनऊ। 29 अगस्त। डॉ. बी. आर. आंबेडकर के मंत्र ‘शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित रहो’ का अर्थ है ज्ञान प्राप्त करना, अन्याय पर हिंसा से नहीं बल्कि संवैधानिक तरीकों से सवाल उठाना, और लोकतांत्रिक तरीकों से बदलाव लाने के लिए एकजुट होना। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने यहाँ लखनऊ में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए यह बात कही।सामाजिक बदलाव लाने में संवैधानिक तरीकों के महत्व पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने संविधान सभा में अपने अंतिम भाषण में स्पष्ट रूप से कहा था कि सामाजिक और आर्थिक लक्ष्यों को संवैधानिक तरीकों से हासिल किया जाना चाहिए। बाबा साहेब ने चेतावनी दी कि जब लोकतांत्रिक और संवैधानिक रास्ते उपलब्ध हों, तो हिंसा, अराजकता या असंवैधानिक तरीकों का सहारा लेना उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने ऐसे तरीकों को “अराजकता का व्याकरण” के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि इसे त्याग देना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विश्वविद्यालयों को न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के आदर्शों से प्रेरित युवा मस्तिष्कों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकें। समावेशी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षा सोचने और समझने की क्षमता विकसित करती है, जबकि व्यावहारिक और समस्याओं को हल करने की क्षमताओं का सम्मान करती है। हालांकि, उन्होंने कहा, इसकी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका व्यक्तियों को यह सिखाना है कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज के लाभ के लिए करें, साथ ही मूल्यों और संवेदनशीलता को बढ़ावा दें।श्री राजनाथ सिंह ने डॉ. बी. आर. आंबेडकर के चरित्र और विनम्रता पर जोर देते हुए इस बात पर बल दिया कि ज्ञान और उपलब्धियों की जड़ें नैतिक मूल्यों और नैतिक आचरण में होनी चाहिए।

स्वामी विवेकानंद के विज़न पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे न केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए संघर्ष करें, बल्कि रोजगार के सर्जक, समस्याओं के समाधानकर्ता और सकारात्मक बदलाव के उत्प्रेरक बनकर भारत के परिवर्तन में अपना योगदान दें।इस बात पर जोर देते हुए कि दुनिया तेजी से बदल रही है, नई तकनीकों और नवाचारों के साथ नए अवसर पैदा हो रहे हैं, रक्षा मंत्री ने छात्रों से आग्रह किया कि वे निरंतर सीखने और अनुकूलन के लिए प्रतिबद्ध रहें। उन्होंने कहा कि जो लोग लगातार सीखने और नए कौशल हासिल करने के इच्छुक हैं, वे तेजी से प्रगति करेंगे।

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