दिल्ली में स्वाइन फ्लू और डेंगू के बढ़ते मामलों को रोकने में रेखा गुप्ता सरकार पूरी तरह नाकाम:देवेन्द्र यादव
स्वाइन फ्लू और डेंगू के लगातार बढ़ते मामले सामने भाजपा सरकार की स्वास्थ्य संबधी योजनाओं और तेजी से फैल रहे स्वाइन फ्लू और डेंगू की रोकथाम के उपायों की पोल खोलता है-देवेंद्र यादव

नई दिल्ली, 29 अगस्त, 2026 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में स्वाइन फ्लू और डेंगू के बढ़ते मामलों को रोकने में रेखा गुप्ता सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हो चुकी है। स्वाइन फ्लू के 100 से अधिक प्रतिदिन डेंगू के प्रतिदिन बढ़ते मामले भाजपा सरकार की स्वास्थ्य संबधी योजनाओं और तेजी से फैल रहे स्वाइन फ्लू और डेंगू की रोकथाम के उपायों की पोल खोलता है। स्वास्थ्य मंत्री डा0 पंकज सिंह अस्पतालों को दौरा करके सिर्फ खानापूर्ति कर रहे है क्योंकि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था, मरीजों के लिए सुविधा और दवाई तक उपलब्ध नही है।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि यह चिंताजनक है कि 27 अगस्त को 125 और 28 अगस्त को स्वाईन फ्लू के 166 मामले सामने आने के बाद दिल्ली में एच1एन1 संक्रमितों की संख्या 2612 से अधिक हो चुकी है। खतरनाक डेंगू के 272 केस दर्ज हुए है जबकि जल जनित बीमारियों में मलेरिया के 95 और चिकनगुनिया के 21 मामले भी सामने आए है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान अधिक नमी के कारण स्वाईन फ्लू और मच्छरों से डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे है, जिसकी रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को अस्पतालों को विशेष इंतजाम के आदेश दें। उन्होंने कहा कि बढ़ती बीमारियों का बड़ा कारण दिल्ली नगर निगम द्वारा जमा हुए पानी में टेमीफाॅस और बीटीआई लार्वा नाशक दवा का छिड़काव न करना और फोगिंग मशीन से कीटनाशक धुआं छोड़ने पर ध्यान नही देना है।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार एच1एन1 बच्चों और वृद्धों सहित गर्भवती महिलाओं में अधिक बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू की जांच का खर्च निजी अस्पतालों में करीब 1500 से 5000 रुपये तक है जबकि गंभीर रुप से मरीज की पूरे रेस्पिरेटरी बायोफायर पैनल की जांच 9000 से 15000 रुपये तक पड़ सकती है, जो गरीब, निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों के बहुत अधिक है। दिल्ली सरकार स्वाइन फ्लू के मरीजों के सरकारी अस्पतालों में यह जांच मुफ्त कराने का इंतजाम करें और इसके लिए उपयोग में आने वाली जरुरी उपकरण और दवाओं की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जगप्रवेश अस्पताल में फ्लू वार्ड पर लटके ताले ने सरकार के इंतजाम की पोल पहले ही खोल दी है क्योंकि यह आलम अस्पतालों को अलर्ट मोड में रहने के बाद देखा गया।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जो जमा हुए जल से पैदा हुए मच्छरों के कारण होता है, राजधानी में इनके मामले बढ़ना सरकार की विफलता है, जबकि स्वाइन फ्लू के लगातार बढ़ते केसों ने दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार औपचारिकताओं को छोड़ स्वाइन फ्लू और डेंगू के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार के अस्पतालों में आपातकाल सेवाओं को दुरस्त करें ताकि स्वाइन फ्लू महामारी न बन पाए, जिसकी विशेषज्ञों ने चिंता जताई है।
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