दिल्ली सरकार ने ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023 पर वर्कशॉप के ज़रिए डेटा प्राइवेसी फ्रेमवर्क को और ज्यादा मजबूत किया

माननीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने डिजिटल सरकारी सेवाओं के माध्यम से शेयर की जाने वाली नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया
अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और जानकारी को ज़िम्मेदारी से संभालने के बारे में जागरूक किया गया
दिल्ली सरकार का आईटी विभाग डिजिटल गवर्नेंस की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अपनी ज़िम्मेदारी और क्षमताओं का तेजी से विस्तार कर रहा है – आईटी मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह
नई दिल्ली (2 सितंबर, 2026)। दिल्ली सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने आज दिल्ली सचिवालय में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) और MeitY के सहयोग से ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023’ पर एक वर्कशॉप का आयोजन किया। इस वर्कशॉप की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के माननीय आईटी मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने की। इस वर्कशॉप में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, विशेष सचिव, ज्वाइंट डायरेक्टर के साथ-साथ दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभागों के नोडल अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

वर्कशॉप को संबोधित करते हुए आईटी मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने डिजिटल गवर्नेंस के बढ़ते दौर में नागरिकों के निजी डेटा की सुरक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नागरिक राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और अन्य सार्वजनिक सेवाओं के लिए अलग-अलग डिजिटल और ई-गवर्नेंस सेवाओं के माध्यम से सरकार के साथ अपनी महत्वपूर्ण निजी जानकारी सरकार के साथ साझा करते हैं। ऐसे में इस जानकारी को सुरक्षित रखना और नागरिकों की निजता की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने आगे कहा कि डिजिटल गवर्नेंस के तेज़ी से विस्तार के साथ नागरिक अलग-अलग सरकारी सेवाओं और प्लेटफ़ॉर्म के जरिए अपनी निजी जानकारी साझा कर रहे हैं। चाहे वह राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र या अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़ी जानकारी हो, इस डेटा को सुरक्षित रखना और हर नागरिक की प्राइवेसी सुनिश्चित करना हमारी ज़िम्मेदारी है। दिल्ली सरकार और IT विभाग इस सिस्टम को और अधिक मजबूत करने के लिए निरंतर काम कर रहा है, ताकि हर नागरिक का डेटा सुरक्षित रहे और उनकी प्राइवेसी की पूरी तरह से रक्षा हो सके।
माननीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट’ अब लागू हो गया है और हमारी सरकार इसे बेहद प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी अधिकारियों को पर्सनल डेटा को ज़िम्मेदारी से इकट्ठा करने, संभालने, स्टोर करने और सुरक्षित रखने के बारे में जागरूक करने के लिए वर्कशॉप और क्षमता-निर्माण की ऐसी पहल एक महत्वपूर्ण कदम है।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉक्टर पंकज सिंह ने कहा कि राजधानी दिल्ली में डिजिटल गवर्नेंस के बढ़ते दायरे के साथ अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाने के मामलों में IT विभाग की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज कुशल, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस सुनिश्चित करने की दिशा में IT विभाग की भूमिका और ज़िम्मेदारियां बहुत बड़ी हो गई हैं। हम इन बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए विभाग और उसकी क्षमताओं को और अधिक मजबूत कर रहे हैं। पहले की सरकारों के कार्यकाल में IT विभाग को मजबूत करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन हमारी सरकार राजधानी दिल्ली की बढ़ती डिजिटल ज़रूरतों को प्रभावी तरीके से पूरा करने के लिए एक बेहद मजबूत और सक्षम IT इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आईटी सेक्रेटरी ने वर्कशाप में DPDP अधिनियम के प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आईटी डिपार्टमेंट के रोडमैप की पूरी रूपरेखा बताई, जिसमें डेटा-हैंडलिंग स्टैंडर्ड्स पर एक डिटेल्ड सर्कुलर जारी करना और हर डिपार्टमेंट में डेटा प्रोटेक्शन नोडल ऑफिसर्स को नियुक्त करना शामिल है। वर्कशॉप में सब्जेक्ट-मैटर एक्सपर्ट्स ने DPDP एक्ट के मुख्य प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी। इनमें सहमति का फ़्रेमवर्क, डेटा के निर्धारित उद्देश्य के अनुसार उपयोग (purpose limitation), डेटा को कम से कम इस्तेमाल करना (data minimisation), डेटा प्रिंसिपल्स के अधिकार, डेटा फिड्यूशियरीज की ज़िम्मेदारियां और डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ़ इंडिया की भूमिका शामिल थी। सेशन में एक इंटरैक्टिव चर्चा भी हुई, जिससे अधिकारी अपने-अपने डिपार्टमेंट में अधिनियम को व्यावहारिक तरीके से लागू करने के प्रैक्टिकल पहलुओं पर सवाल पूछे और विषय विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की।
इस वर्कशॉप में सरकारी सिस्टम के जरिए एकत्र और प्रोसेस किए गए पर्सनल डेटा की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि नागरिकों की महत्वपूर्ण निजी जानकारी को ज़िम्मेदारी से संभाला जाए और उसे अनधिकृत एक्सेस या गलत इस्तेमाल से पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। आईटी विभाग ने DPDP एक्ट का सुचारू और प्रभावी ढंग से पालन करने में दिल्ली सरकार के सभी विभागों की मदद करने के अपने संकल्प को एक बार फिर से दोहराया। डेटा सुरक्षा ढांचे को और ज्यादा मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार चरणबद्ध तरीके से गाइडलाइंस, ट्रेनिंग मॉड्यूल और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगी।
दिल्ली सरकार कुशल और पारदर्शी शासन के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है कि हर नागरिक की प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे।
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