दिल्ली में पहली बार सभी 39 सब-डिवीजनों में यादृच्छिक (रैंडमाइजेशन) प्रक्रिया से सब-रजिस्ट्रारों की नियुक्ति

तकनीक आधारित पारदर्शी प्रक्रिया से हुई पोस्टिंग, सीएम रेखा गुप्ता ने नव नियुक्त अधिकारियों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा का आह्वान किया
विशेष बात: 39 सब-डिविजनों के अनुसार ही 39 सब रजिस्ट्रार कार्यालय भी बनाए गए, पहले ये 22 थे
नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026
दिल्ली में शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, प्रभावी और जनहितैषी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के निर्देश पर सभी 39 सब-डिवीजनों में पहली बार विशेष प्रक्रिया से सब-रजिस्ट्रारों की नियुक्ति की गई है। इन अधिकारियों की पोस्टिंग सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से अपनाई गई यादृच्छिक चयन प्रक्रिया (रैंडमाइजेशन) के माध्यम से की गई। यह प्रक्रिया अतिरिक्त मुख्य सचिव (सेवाएं) की उपस्थिति में संपन्न हुई। आमजन की सुविधा के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या भी 39 कर दी गई है।
इस प्रक्रिया के अंतर्गत कुछ अधिकारियों को सब-रजिस्ट्रार के पद पर बनाए रखा गया, जबकि अन्य अधिकारियों को उनके वर्तमान कार्यभार से स्थानांतरित कर सब-रजिस्ट्रार के रूप में नियुक्त किया गया है। इस बार सब-रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्ति के लिए अधिकारियों का चयन ऐसे अधिकारियों के समूह में से किया गया, जो बेहतर स्वास्थ्य, पर्याप्त शेष सेवा अवधि और सतर्कता मंजूरी (विजिलेंस क्लियरेंस) जैसे निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं। विशेष बात यह है कि अब सभी 39 सब-डिविजन के अनुपात में ही 39 सब रजिस्ट्रार की नियुक्ति कर दी गई है। पहले इनकी संख्या 22 थी। इसका लाभ यह होगा कि दिल्लीवासियों को अपने क्षेत्र में एक साथ सब-डिविजन व सब रजिस्ट्रार की सुविधा मिलेगी। इस सुविधा के लिए सरकार ने 17 सब रजिस्ट्रार कार्यालयों को भी नोटिफाई कर दिया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सब-रजिस्ट्रारों की पोस्टिंग के लिए अपनाई गई पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने नव नियुक्त सब-रजिस्ट्रारों से दिल्ली की जनता को बेहतर और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्थाओं को मजबूत करना है, जिनसे सरकारी कामकाज अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित, प्रभावी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बने। उन्होंने नवनियुक्त सब-रजिस्ट्रारों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जनसेवा की भावना के साथ करेंगे।

और बेहतर होगा सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में कामकाज
दिल्ली सरकार द्वारा सब-रजिस्ट्रार के 39 पद अधिसूचित किए जाने के बाद अब सभी 13 राजस्व जिलों के अंतर्गत आने वाले 39 सब-डिवीजनों में इन पदों को भर दिया गया है। इससे सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के कामकाज को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय आम लोगों से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण राजस्व एवं पंजीकरण संबंधी कार्यों से संबंधित होते हैं। ऐसे में इन पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए जाने से नागरिक सेवाओं को और अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया पर जोर
दिल्ली सरकार ने पहली बार सब-रजिस्ट्रारों की पोस्टिंग में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित यादृच्छिक चयन प्रक्रिया (Randomization) को अपनाया है। इसका उद्देश्य अधिकारियों की पोस्टिंग की प्रक्रिया को एक स्पष्ट, पारदर्शी और निष्पक्ष प्रणाली के तहत पूरा करना है। इस प्रक्रिया में निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले अधिकारियों के समूह से तकनीक की सहायता से चयन किया गया। दिल्ली सरकार का मानना है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तकनीक के अधिकतम उपयोग, पारदर्शी व्यवस्था और उपयुक्त अधिकारियों की तैनाती से नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार लाया जा सकता है। सभी 39 सब-डिवीजनों में सब-रजिस्ट्रारों की नियुक्ति इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
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