सहारनपुर मस्जिद का विध्वंस कानून और इंसाफ की हत्या: जमीयत उलेमा-ए-हिंद

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केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचा, कानूनी विशेषज्ञों और स्थानीय जिम्मेदारों से मुलाकात; हाईकोर्ट जाने की तैयारी

सहारनपुर, 8 सितंबर 2026: सहारनपुर की ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट मस्जिद के विध्वंस के बाद पैदा हुई स्थिति का जायजा लेने के लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद का उच्चस्तरीय केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में सहारनपुर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की कानूनी और सामाजिक स्थिति का विस्तृत जायजा लिया तथा आगे की रणनीति पर चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व सांसद हाजी फज़लुर्रहमान, मौजूदा सांसद इमरान मसूद, दिवंगत याकूब खान के पोते फिरोज खान, शाह हारून खान, एडवोकेट नौशाद, एडवोकेट तनवीर सहित स्थानीय जिम्मेदारों और कानूनी विशेषज्ञों से मुलाकात की।

जमीयत के अनुसार, बैठक के दौरान यह दावा सामने आया कि जिस दस्तावेज के आधार पर फैसला सुनाया गया, वह न्यायिक रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं था और उसे आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड का हिस्सा भी नहीं बनाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व रिकॉर्ड, मस्जिद से संबंधित ऐतिहासिक दस्तावेजों, भूमि स्वामित्व के दावों और अदालती कार्रवाई के विभिन्न पहलुओं की भी समीक्षा की।

मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामले से जुड़े सभी कानूनी दस्तावेज और साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। इन्हें जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के सामने पेश किया जाएगा और उनकी सलाह व मार्गदर्शन के बाद अगला कानूनी कदम उठाया जाएगा।

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उन्होंने मस्जिद के विध्वंस की कार्रवाई और कथित जल्दबाजी पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रभावित पक्ष को अपने बचाव और संवैधानिक अधिकारों के इस्तेमाल का अवसर दिए बिना कार्रवाई किया जाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जमीयत इंसाफ के लिए हर उपलब्ध कानूनी रास्ते पर जाएगी और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी।

मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने सहारनपुर के लोगों के शांति, आपसी सद्भाव और ऐतिहासिक भाईचारे को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय दुखी हैं और यही साझा एकता देश की वास्तविक ताकत है।

प्रतिनिधिमंडल में मौलाना मोहम्मद कासिम नूरी, मौलाना अली हसन मजाहिरी, मौलाना अजीमुल्लाह सिद्दीकी, मौलाना मोहम्मद यूसुफ कासमी और हाफिज अबूबकर इब्न मौलाना हकीमुद्दीन कासमी समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सहारनपुर जिला पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जिम्मेदार भी इस दौरान मौजूद रहे।

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