संविधान और शरीयत संरक्षण आंदोलन शुरू करेगा AIMPLB, देशभर में जनसभाओं और विरोध प्रदर्शनों की कार्ययोजना जारी

नई दिल्ली: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की ओर से “संविधान और शरीयत संरक्षण आंदोलन” को लेकर राष्ट्रव्यापी अभियान की कार्ययोजना सामने रखी गई है। बोर्ड के जारी पोस्टर्स के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य संवैधानिक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और मुस्लिम समुदाय से जुड़े धार्मिक एवं संपत्ति संबंधी अधिकारों के संरक्षण के लिए लोकतांत्रिक तरीके से जनजागरूकता और जनसमर्थन जुटाना है।

AIMPLB की प्रस्तावित कार्ययोजना में देश के बड़े शहरों में जनसभाएं और विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की बात कही गई है। बोर्ड के मुताबिक इन कार्यक्रमों के जरिए संवैधानिक अधिकारों और विभिन्न मुद्दों को लेकर जनता को जागरूक किया जाएगा।
अभियान के तहत “व्हाइट पेपर” जारी करने की भी बात कही गई है, जिसमें संवैधानिक उल्लंघनों और मानवाधिकारों के कथित हनन से संबंधित मामलों का दस्तावेजीकरण किए जाने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा, बुलडोजर कार्रवाई, मस्जिदों, मदरसों और वक्फ संपत्तियों की कानूनी सुरक्षा से संबंधित एक विस्तृत कानूनी मार्गदर्शिका तैयार करने की योजना बताई गई है। मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर भी कानून, सरकार की जिम्मेदारियों और पीड़ितों के अधिकारों को लेकर विशेष घोषणापत्र जारी करने का प्रस्ताव पोस्टर्स में दिया गया है।
राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा मांग पत्र
AIMPLB की कार्ययोजना में जिला और राज्य स्तर पर मांग पत्र तैयार कर भारत के राष्ट्रपति को सौंपने की बात भी शामिल है। इसके साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस, वीडियो दस्तावेजीकरण और डिजिटल प्लेटफॉर्म, विशेषकर X (Twitter) के जरिए सोशल मीडिया अभियान चलाने की योजना बताई गई है।
पोस्टर में दिल्ली में एक बड़ी जनसभा और विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख है, जिसमें देशभर के विभिन्न वर्गों, धर्मों और विचारधाराओं के प्रतिनिधियों को शामिल करने की बात कही गई है।

आंदोलन के प्रमुख उद्देश्य
AIMPLB के पोस्टर्स में इस अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में संविधान और कानून की सर्वोच्चता, धार्मिक स्वतंत्रता, मुस्लिम समुदाय के जान-माल और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, शांति एवं भाईचारा तथा न्याय और इंसाफ को प्रमुखता दी गई है।
बोर्ड ने समान नागरिक संहिता (UCC) और वंदे मातरम् की अनिवार्यता जैसे मुद्दों के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने की बात भी अपने पोस्टर में कही है।
AIMPLB ने इस अभियान को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष के रूप में पेश करते हुए न्यायप्रिय संगठनों और नागरिक समाज को एक मंच पर लाने की योजना भी बताई है।
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