मधुबन चौक पर बन रहा स्काईवॉक, मेट्रो स्टेशनों और रोहिणी कोर्ट के बीच सुरक्षित पैदल संपर्क होगा मजबूत

9.62 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा स्काईवॉक-एफओबी, 60 प्रतिशत काम पूरा, 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य
सुरक्षित पैदल आवागमन, बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी और सुगम यातायात की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है मधुबन चौक स्काईवॉक: सीएम रेखा गुप्ता
नई दिल्ली, 22 अगस्त 2026दिल्ली के मधुबन चौक पर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्काईवॉक और फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) का निर्माण कार्य जारी है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा आउटर रिंग रोड पर 9.62 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस परियोजना का 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसे 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि यह स्काईवॉक-एफओबी पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन, मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन और रोहिणी जिला न्यायालय के बीच सुरक्षित पैदल संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे मेट्रो यात्रियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मचारियों, न्यायालय आने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों को इन महत्वपूर्ण स्थानों के बीच आवागमन में सुविधा मिलेगी।

यह सुविधा सड़क से अलग स्तर पर पैदल आवागमन के लिए बनाई जा रही है। इसके पूरा होने के बाद पैदल यात्रियों को व्यस्त आउटर रिंग रोड को सड़क के स्तर पर पार करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे उनकी सुरक्षा बढ़ेगी और पैदल यात्रियों तथा वाहनों के बीच टकराव कम होंगे। मधुबन चौक पर समर्पित पैदल मार्ग उपलब्ध होने से यातायात के प्रवाह में सुधार और जाम कम करने में भी मदद मिलेगी।परियोजना ऐसे क्षेत्र में सुरक्षित और सुविधाजनक पैदल सुविधा उपलब्ध कराएगी, जहां वर्तमान में सड़क से अलग स्तर पर पैदल पार करने की सुविधा नहीं है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन के शुरू होने के साथ यह सुविधा मेट्रो नेटवर्क और आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों के बीच बेहतर जुड़ाव तथा अंतिम छोर तक संपर्क मजबूत करने में मदद करेगी। साथ ही, मेट्रो स्टेशनों और आसपास के गंतव्यों के बीच सुरक्षित पैदल मार्ग मिलने से मेट्रो के इस्तेमाल तथा टिकाऊ और सार्वजनिक परिवहन आधारित आवागमन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मधुबन चौक की यह परियोजना सुरक्षित पैदल आवागमन, मेट्रो से बेहतर जुड़ाव और अंतिम छोर तक संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के पूरा होने के बाद मेट्रो स्टेशनों और रोहिणी जिला न्यायालय के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा तथा आउटर रिंग रोड पर यातायात के सुचारु प्रवाह में भी मदद मिलेगी।
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