केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने राजधानी दिल्ली में स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि बिस्तरों, डॉक्टरों और दवाओं की कोई कमी नहीं है
इन्फ्लूएंज़ा H1N1 के 1777 मामले, राजधानी दिल्ली के अस्पताल पूरी तरह तैयार है- स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह
डेंगू और मलेरिया की स्थिति की भी समीक्षा की गई, डेंगू के 246 और मलेरिया के 80 मामले सामने आए, लेकिन किसी की भी मौत नहीं हुई
जन-स्वास्थ्य के लिए तैयारी एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। हमारी प्राथमिकता रोगों का जल्द पता लगाना, समय पर इलाज और अस्पतालों में पर्याप्त क्षमता सुनिश्चित करना है- स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह

नई दिल्ली (21 अगस्त, 2026)
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह आज केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित स्वास्थ्य समीक्षा बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में राजधानी दिल्ली में मौसमी और वेक्टर जनित बीमारियों से निपटने की दिल्ली सरकार की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में इन्फ्लूएंजा की मौजूदा स्थिति और राजधानी दिल्ली में डेंगू और मलेरिया की निगरानी और अस्पतालों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को दिल्ली सरकार द्वारा की गई तैयारियों और मौसमी और वेक्टर-जनित बीमारियों की निरंतर निगरानी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में अस्पतालों की तैयारियों और समय पर बीमारी का पता लगाने और मरीजों का इलाज सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी।
डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि हमारी सरकार मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। अस्पतालों में बेड, डॉक्टरों, दवाओं और जरूरी मेडिकल उपकरणों की कोई कमी नहीं है और हर मरीज को समय पर और सही उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस अहम समीक्षा में मौसमी इन्फ्लूएंजा पर मुख्य रूप से ध्यान दिया गया। वर्ष 2026 में अबतक इन्फ्लूएंजा-A के कुल 2392 मामले सामने आए हैं। जिनमें H1N1 सबसे प्रमुख स्ट्रेन है, जिसके 1777 मामले सामने आए हैं, जबकि H1 (37), H3 (138) और अन्य 440 मामले सामने आए हैं।
दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन, ‘इंटीग्रेटेड डिज़ीज़ सर्विलांस प्रोग्राम’ (IDSP) के जरिए इन्फ्लुएंजा की स्थिति पर लगातार कड़ी निगरानी रख रहा है। इसके तहत IDSP-IHIP पोर्टल पर रिपोर्ट किए गए ILI, SARI और इन्फ्लूएंज़ा के मामलों की रोज़ाना मॉनिटरिंग की जा रही है और सीनियर अधिकारियों को नियमित अपडेट दिए जाते हैं।
ILI/SARI/इन्फ्लूएंजा के मामलों की स्क्रीनिंग, रिपोर्टिंग और निगरानी के लिए CDMO, ज़िला सर्विलांस अधिकारियों और अस्पतालों को जरूरी एडवाइज़री जारी की गई हैं। मरीज़ों के वर्गीकरण, इलाज के प्रोटोकॉल, वेंटिलेटर मैनेजमेंट, मास्क के उपयोग और होम केयर से जुड़ी तकनीकी गाइडलाइंस पहले ही जारी की जा चुकी हैं। हेल्थकेयर वर्करों को बीमारी के लक्षणों और मरीजों के फ़ॉलो-अप प्रोटोकॉल के बारे में जागरूक और प्रशिक्षित किया जा रहा है।
ज़िला अधिकारियों के लिए हाल ही में एक रिफ्रेशर ट्रेनिंग आयोजित की गई थी। साथ ही MCD, NDMC, कैंटोनमेंट बोर्ड, शिक्षा विभाग, DDA और अन्य संबंधित विभागों के साथ एक अंतर-विभागीय बैठक भी हुई, जिसमें इन्फ्लूएंजा की रोकथाम और नियंत्रण के लिए जन-जागरूकता और IEC गतिविधियों को और ज्यादा तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। CDMOs के साथ रोजाना समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि हमारी सरकार लगातार मरीज़ों की संख्या पर नजर रख रही है और जरूरतों के हिसाब से अस्पतालों में जरूरी व्यवस्थाएं मजबूत कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि हमने दिल्ली की तैयारियों की पूरी रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा जी के साथ साझा किया है, जिसमें अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और अन्य ज़रूरी सुविधाओं के इंतज़ाम शामिल हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हमें भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार राजधानी दिल्ली को हर ज़रूरी मदद देगी। दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हमारा ध्यान इस बात पर है कि हर मरीज़ को समय पर बीमारी का पता चले, सही इलाज मिले, अच्छी दवाइयां मिलें और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उपचार मिले।

स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली के नागरिकों से अपील की कि वे सांस से जुड़ी स्वच्छता का पालन करें, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क जरूर पहनें, हाथों की स्वच्छता बनाए रखें, सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के ज़्यादा करीब जाने से बचें और खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह पर ही दवाएं लें।
•डेंगू-मलेरिया पर भी कड़ी निगरानी
राजधानी दिल्ली में डेंगू के 246 मामले सामने आए हैं, जिनमें किसी की भी मौत नहीं हुई है, जबकि मलेरिया के 80 मामले सामने आए हैं, जिनमें किसी की भी मौत नहीं हुई है। चिकनगुनिया के 19 मामले सामने आए हैं और इससे भी किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।
वेक्टर-कंट्रोल उपायों के तहत स्थानीय निकायों ने 2.38 करोड़ से अधिक घरों का दौरा किया, 3 लाख 20 हजार घरों में स्प्रे किया गया, 91 हजार 217 ऐसे घरों की पहचान की गई, जहां मच्छर पाए गए। 74591 नोटिस जारी किए और 6724 मामले रजिस्टर्ड किए गए हैं।
मौसमी बीमारियों को देखते हुए राजधानी दिल्ली में 35 खास सेंटिनल सर्विलांस अस्पताल, AIIMS और NCDC में दो एपेक्स रेफरल लैबोरेटरी और MAMC में एक मलेरिया रेफरेंस लैबोरेटरी कार्यरत हैं। अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कैंपस को मच्छरों से मुक्त रखें, समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें और ज़रूरत के हिसाब से पर्याप्त डायग्नोस्टिक किट, दवाएं, फ्लूइड, ब्लड प्रोडक्ट्स और बिस्तर उपलब्ध रखें।
दिल्ली सरकार MCD, NDMC, DCB और दूसरे विभागों के साथ मिलकर डेंगू और मलेरिया की रोकथाम और नियंत्रण के लिए लगातार काम कर रही है। साथ ही आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं के ज़रिए डेंगू और मलेरिया की निगरानी, ट्रेनिंग, जागरूकता और घर-घर जाकर लोगों तक पहुंचने का काम भी जारी है। दिल्ली का मलेरिया Annual Parasite Index (API) 1 से नीचे बना हुआ है, जिससे कारण दिल्ली मलेरिया उन्मूलन के ‘प्री-एलिमिनेशन’ चरण में है। वर्ष 2025–27 के मलेरिया उन्मूलन प्लान के तहत ‘टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट’ (जांच, पता लगाना और सही इलाज) की रणनीति पर काम कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह फिर दोहराया कि दिल्ली सरकार मौसमी और संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और नागरिकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। हमारी प्राथमिकता समय पर बीमारियों की पहचान कर तुरंत उपचार मुहैया करवाना और लगातार निगरानी करना है। दिल्ली के अस्पताल और स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से तैयार हैं और हमारी सरकार नागरिकों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
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