दिल्ली में 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं की छत पर बिना अग्रिम लागत लगेगा 3 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम

प्रधानमंत्री मोदी के ‘पीएम सूर्य घर’ विजन को दिल्ली में नई गति देगी सोलर पॉलिसी: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने और 500 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने का लक्ष्य

अब दिल्ली का उपभोक्ता केवल बिजली इस्तेमाल नहीं करेगा, बल्कि बिजली पैदा भी करेगा: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

मुफ्त बिजली को केवल जारी नहीं रखा, अगले 25 वर्षों के लिए सुरक्षित और संस्थागत किया: ऊर्जा मंत्री आशीष सूद

1000327382-1024x683 दिल्ली में 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं की छत पर बिना अग्रिम लागत लगेगा 3 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम

नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026दिल्ली के ऊर्जा परिदृश्य में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने सौर ऊर्जा को घर-घर तक पहुंचाने के लिए दिल्ली सौर ऊर्जा नीति का नया संस्करण (दूसरा संशोधन) पेश किया है। नई पॉलिसी के तहत, वित्त वर्ष 2025-26 में औसतन 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले घरेलू ग्राहकों के लिए 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी शुरुआती खर्च के लगाए जाएंगे। विशेष बात यह है कि 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले ग्राहक सोलर सिस्टम लगाने के बाद न सिर्फ सब्सिडी का फायदा पाते रहेंगे, बल्कि बचाई गई बिजली के बदले उन्हें एनर्जी-सेविंग इंसेंटिव भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के विजन को दिल्ली में और मजबूत करते हुए सरकार ने ऐसी व्यवस्था तैयार की है, जिसमें आम परिवार के लिए सोलर सिस्टम लगाना आसान और लगभग बिना वित्तीय बोझ के होगा। इस नीति से दिल्ली के लोग बिजली इस्तेमाल करने के साथ-साथ बिजली भी पैदा कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी-2023 (दूसरा संशोधन) के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का विजन ‘विकसित भारत’ का है और विकसित भारत का रास्ता निश्चित रूप से ‘विकसित दिल्ली’ से होकर जाता है। इसी सोच के अनुरूप दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। दिल्ली में सौर ऊर्जा की संभावनाएं बहुत अधिक हैं और सरकार का लक्ष्य केवल बिजली बिल कम करना नहीं, बल्कि दिल्ली के घरों को बिजली पैदा करने वाला घर बनाना है। प्रेस वार्ता के दौरान दिल्ली के ऊर्जा मंत्री श्री आशीष सूद भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत 400 यूनिट तक की औसत मासिक बिजली खपत वाले पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को, सोलर सिस्टम की स्थापना की तकनीकी व्यवहार्यता के आधार पर, 3 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी अग्रिम लागत के उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली 78,000 रुपये की सब्सिडी के साथ दिल्ली सरकार भी 78,000 रुपये की पूंजीगत सब्सिडी देगी। इसके अलावा, दिल्ली सरकार अतिरिक्त टॉप-अप के माध्यम से सब्सिडी और सोलर प्लांट की टेंडर में तय लागत के बीच के अंतर को भी पूरा करेगी।

उन्होंने कहा कि पहले सोलर सिस्टम लगवाने के लिए उपभोक्ताओं को अग्रिम राशि का भुगतान करना पड़ता था, जबकि प्रोत्साहन राशि बाद के वर्षों में मिलती थी। नई नीति में इस व्यवस्था को बदलते हुए शुरुआत में ही वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई है ताकि उपभोक्ताओं पर शुरुआत में आर्थिक बोझ न पड़े। सरकार की ओर से लगाए गए सोलर सिस्टम का संबंधित वेंडर के लिए पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव करना अनिवार्य होगा। इसके बाद उपभोक्ताओं के पास डिस्कॉम के माध्यम से सोलर सिस्टम के पूरे 25 वर्ष के जीवनकाल तक उसके रखरखाव को जारी रखने का विकल्प होगा। इससे उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम के रखरखाव की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। पात्र उपभोक्ताओं को मासिक बिजली बिल में नेट मीटरिंग का लाभ भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की मौजूदा बिजली सब्सिडी जारी रहेगी। इसका मतलब है कि पात्र उपभोक्ता बिजली सब्सिडी के साथ-साथ अपनी छत पर लगाए गए सोलर सिस्टम से होने वाली बचत का भी लाभ उठा सकेंगे। 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगभग 300 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। यदि कोई परिवार 200 यूनिट बिजली की खपत करता है तो वह अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर उसका भी लाभ उठा सकता है। इस तरह उपभोक्ता न केवल मुफ्त बिजली का इस्तेमाल करेंगे, बल्कि उसके उत्पादन में भी भागीदार बनेंगे और इस प्रक्रिया में आय भी अर्जित करेंगे। ग्रिड में भेजी गई बिजली के लिए डिस्कॉम की औसत बिजली खरीद लागत के अनुसार भुगतान भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने सोलर सिस्टम लगाने के साथ उसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था को भी आसान बनाया है। सोलर विक्रेता पहले पांच साल तक सिस्टम का संचालन और रखरखाव मुफ्त उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद उपभोक्ता अपनी इच्छानुसार बिजली वितरण कंपनियों के माध्यम से रखरखाव और बीमा की सुविधा ले सकेंगे। यह सुविधा सीधे बिजली वितरण कंपनियों या उनकी सूचीबद्ध एजेंसियों के माध्यम से, लागू शुल्क के भुगतान पर ली जा सकेगी। इससे सोलर सिस्टम के लगभग 25 वर्ष के जीवनकाल तक उसके सुचारु संचालन में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने मार्च 2027 तक 2 लाख 30 हजार घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा है। साथ ही दिल्ली सोलर पॉलिसी के तहत मार्च 2027 तक 500 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है। दिल्ली की हर छत को सौर ऊर्जा से जोड़ना सरकार का बड़ा लक्ष्य है। दिल्ली की सरकारी इमारतों पर भी सोलर सिस्टम लगाने का काम पहले से जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल सोलर सिस्टम लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी लंबे समय तक प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने पर भी है। दिल्ली में अब तक 10,073 सोलर सिस्टम इंस्टॉल हो चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या सरकारी इमारतों की है। आम लोगों के सामने सोलर सिस्टम लगाने में जो व्यावहारिक और वित्तीय कठिनाइयां आ रही थीं, सरकार ने उनका समाधान नई नीति में किया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई नीति के तहत आवासीय सोलर सिस्टम के लिए नेट मीटरिंग की प्रक्रिया, जिसके माध्यम से ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त बिजली के बदले उपभोक्ताओं को क्रेडिट या उनके मासिक बिजली बिल में छूट मिलती है, को भी तेज किया गया है। पहले इस प्रक्रिया में करीब 75 दिन लगते थे, जिसे अब घटाकर 25 दिन कर दिया गया है। इसके अलावा, 10 किलोवाट तक के आवासीय सोलर सिस्टम के लिए आवेदन और पंजीकरण शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। पूरी व्यवस्था को यूटिलिटी-लेड एग्रीगेशन मॉडल के तहत लागू किया जाएगा। इंद्रप्रस्थ पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (आईपीजीसीएल) प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से वेंडरों का चयन करेगा ताकि बेहतर कीमत और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। आईपीजीसीएल इंस्टॉलेशन, वेंडर तालमेल, शिकायतों के समाधान और उपभोक्ताओं को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

1000327380-1024x683 दिल्ली में 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं की छत पर बिना अग्रिम लागत लगेगा 3 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘पीएम सूर्य घर’ के विजन को जमीन पर तेजी से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिल्ली की जनता को इस नीति का लाभ जल्द से जल्द मिले, इसके लिए सरकार तत्काल कार्रवाई शुरू करेगी। दिल्ली को हरित ऊर्जा की दिशा में आगे ले जाने और हर घर को ऊर्जा उत्पादन में भागीदार बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली में सौर ऊर्जा सस्ती हो, सरल हो और हर योग्य परिवार की पहुंच में हो। हमें फ्री बिजली के साथ दिल्ली को फ्री सौर ऊर्जा की दिशा में आगे ले जाना है।

इस अवसर पर दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के गतिशील नेतृत्व और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के मार्गदर्शन में हुई 40वीं कैबिनेट बैठक में हमने उस बड़े झूठ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है कि मुफ्त बिजली को लंबे समय तक जारी नहीं रखा जा सकता। हमने न केवल मुफ्त बिजली की व्यवस्था को जारी रखा है, बल्कि इसे अगले 25 वर्षों के लिए सुरक्षित और संस्थागत भी किया है। दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी-2023 के दूसरे संशोधन को मंजूरी देने का ऐतिहासिक निर्णय इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके तहत 2 लाख 30 हजार उपभोक्ताओं की छतों पर बिना अग्रिम लागत के सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। यह निर्णय दिल्ली के हर घर को बिजली का केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि बिजली उत्पादन में भी भागीदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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