दिल्ली लक्ष्मी योजना को महिलाओं का अभूतपूर्व समर्थन
लॉन्च के केवल 7 दिनों में 5.14 लाख से अधिक पंजीकरण
इतने कम समय में किसी भी सरकारी योजना में इतने रिकॉर्ड पंजीकरण नहीं हुए, योजना का जनसमर्थन ऐतिहासिक: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
अब तक 2.18 लाख से अधिक आवेदन अंतिम रूप से जमा, योजना के प्रति बढ़ा महिलाओं का भरोसा
रक्षाबंधन पर पात्र महिलाओं के खातों में पहली किस्त जारी करने का लक्ष्य, सत्यापन प्रक्रिया तेजी से जारी
(नई दिल्ली, 8 अगस्त 2026)दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी और अग्रणी ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को राजधानी की महिलाओं का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। गत 1 अगस्त से शुरू हुई योजना के शुभारंभ के केवल 7 दिनों के भीतर ही पांच लाख से अधिक महिलाओं ने पोर्टल पर पंजीकरण करा लिया है, जबकि दो लाख से अधिक आवेदन अंतिम रूप से जमा (फाइनल सबमिट) किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना को लॉन्च के महज सात दिनों में मिल रहा अभूतपूर्व जनसमर्थन अपने आप में ऐतिहासिक है। किसी भी सरकारी योजना में इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर पंजीकरण होना एक रिकॉर्ड है। ये आंकड़े योजना के प्रति महिलाओं के बढ़ते विश्वास और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए दिल्ली सरकार की पहल को मिल रही व्यापक स्वीकृति को दर्शाता है।

शनिवार दोपहर तक दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत कुल 5,14,460 महिलाओं के आवेदन पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 4,36,316 पंजीकृत लाभार्थियों ने अपना जिला/विधानसभा क्षेत्र दर्ज कर दिया है, जबकि 78,144 लाभार्थियों ने अभी तक अपना जिला/विधानसभा क्षेत्र दर्ज नहीं कराया है। वहीं, कुल 2,18,728 आवेदन अंतिम रूप से जमा (फाइनल सबमिट) हो चुके हैं। दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत जिलावार पंजीकरण में नॉर्थ-ईस्ट जिला 73,676 पंजीकरणों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद नॉर्थ-वेस्ट जिले में 55,700 और वेस्ट जिले में 44,358 पंजीकरण हुए हैं। वहीं, नई दिल्ली जिले में 5,573 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं, जो जिलों में सबसे कम हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का जो संकल्प लिया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतारा जा रहा है। दिल्ली लक्ष्मी योजना को जिस उत्साह और विश्वास के साथ महिलाओं ने अपनाया है, वह इस बात का प्रमाण है कि यह योजना लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में रिकॉर्ड संख्या में पंजीकरण होना दिल्ली की माताओं-बहनों के सरकार और योजना के प्रति विश्वास को दर्शाता है। सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि महिलाओं को बचत, डिजिटल वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता से जोड़ना है। दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक पात्र महिला तक योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पहुंचे।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को दो वित्तीय विकल्प दिए गए हैं। पहले विकल्प में 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) वॉलेट में दैनिक आवश्यकताओं के लिए उपलब्ध होंगे तथा 1,500 रुपये आरडी/एफडी में जमा किए जाएंगे। दूसरे विकल्प में पूरी 2,500 रुपये की राशि आरडी/एफडी में जमा कर दी जाएगी, जिससे महिलाओं की दीर्घकालिक बचत को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी व्यवस्था पर संचालित हो रही है। आवेदन प्रक्रिया से लेकर दस्तावेज सत्यापन, पात्रता परीक्षण, अनुमोदन, पीएफएमएस एकीकरण, बैंकिंग सेवाओं तथा भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है। प्रत्येक आवेदन चार-स्तरीय जांच एवं अनुमोदन प्रक्रिया से गुजरता है, जिससे केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य योजना की पहली किस्त रक्षाबंधन के अवसर पर पात्र लाभार्थी महिलाओं के खातों में जारी करने का है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी पात्र महिलाओं से अपील की है कि जिन्होंने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे दिल्ली लक्ष्मी योजना के आधिकारिक पोर्टल www.dly.delhi.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें और दिल्ली सरकार की इस ऐतिहासिक योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना महिलाओं के सम्मान, आर्थिक सुरक्षा, बचत की संस्कृति और विकसित दिल्ली के निर्माण में उनकी भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है।
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