दिल्ली लक्ष्मी योजना:जटिलताओं के कारण पंजीकरण की गति बहुत धीमी
पंजीकरण के लिए कठिन शर्तों का रखने का मतलब रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली की गरीब महिलाओं को 2500 रुपये मासिक देने की नियत नही है:देवेन्द्र यादव

नई दिल्ली, 12 अगस्त, 2026 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत दिल्ली की गरीब महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह लेने के लिए पंजीकरण में अत्यधिक जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें जरुरी दस साल के निवास प्रमाण, डिजिटल साक्षरता का अभाव, 2400 यूनिट का दायरा सहित फॉर्मों में भारी सुधार की कमियों के कारण महिलाओं को परेशानी हो रही है। गरीब महिलाओं को वित्तीय सहायता देने के भाजपा अपने चुनावी वादे को पूरा करने में विफल रहना का कारण, रेखा गुप्ता सरकार महिलाओं को 2500 रुपये देने की नियत नही है।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि स्थानीय समन्वय केंद्रों पर कई तकनीकी कठिनाइयों के कारण, योजना में पंजीकरण प्रक्रिया बहुत ही धीमी गति से चल रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा 1 अगस्त, 2026 को योजना शुरू होने के बाद पहले 12 दिनों के भीतर केवल 5 लाख महिलाएं ही दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल पर पंजीकरण करने पर सफलता हासिल कर पाई हैं। उन्होंने कहा कि यदि पंजीकरण की वर्तमान में धीमी गति रही तोे 28 अगस्त, 2026 को तय 17 लाख महिलाओं को राशि मिलना संभव नही है, यह भी हो सकता है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 17 लाख का पंजीकरण न होने पर 2500 रुपये देने की डेट आगे बढ़ा दें।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की एक जनसभा में घोषणा की थी कि भाजपा के दिल्ली में सत्ता में आते ही दिल्ली में हर गरीब महिला को 2500 रुपये प्रतिमाह देने की पहली कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी जाएगी। भ्रष्टाचार और राजनीति हितों के कारण डेढ़ साल बीतने के बाद गरीब महिलाओं को 2500 रुपये देने के लिए शर्तों को लगाकर दिल्ली सरकार सिर्फ 17 लाख महिलाओं अनुदान राशि देने की बात कर ही है, जबकि चुनाव के समय लगभग एक करोड़ दिल्ली की महिला आबादी को 2500 रुपये देने का वादा किया था।

श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार बनते ही जल्दबाजी में जेजे क्लस्टरों को उजाड़ने के भाजपा के अभियान से यह स्पष्ट था कि वह गरीबों को शहर से बाहर निकालना चाहती है ताकि लाखों महिलाओं को लक्ष्मी योजना से बाहर रखा जा सके। उन्होंने कहा कि उजाड़े गई हजारों झुग्गी वालों के पास स्थाई निवास प्रमाण नही है, जिसके कारण ये महिलाएं लक्ष्मी योजना की शर्तों को पूरा नही कर पा रही है, जो भाजपा की सोची समझी साजिश के तहत हुआ है।
श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि हाल ही में दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए पात्रता नियमों की आलोचना के खिलाफ कठिन पात्रता मानदंड का बचाव करते हुए घोषणा की कि पंजीकरण तब तक जारी रहेगा जब तक कि 17 लाख लाभार्थियों का लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वास्तव में अपने चुनावी वादे को पूरा करना चाहती है तो जिस तरह दिल्ली की आधी आबादी से 2500 रुपये देने का लालच देकर वोट हासिल किया था, उसी को पूरा करते हुए सभी महिला मतदाताओं को 2500 रुपये देने की घोषणा करे, क्योकि वोट लेकर लक्ष्मी योजना से दूर रखना लाखों गरीब महिलाओं के साथ विश्वासघात है।
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