सहारनपुर ने आज सिर्फ एक इमारत नहीं खोई है उसने अपने प्रशासन पर भरोसे का एक हिस्सा भी खो दिया है।और मेरा सरकार से आख़िरी सवाल यही है कि, क्या इस देश में क़ानून सबके लिए बराबर रहेगा, या अब इंसाफ़ भी इस बात से तय होगा कि सामने कौन खड़ा है?✍️ खुर्शीद रब्बानी

1000330822-818x1024 सहारनपुर ने आज सिर्फ एक इमारत नहीं खोई है उसने अपने प्रशासन पर भरोसे का एक हिस्सा भी खो दिया है।और मेरा सरकार से आख़िरी सवाल यही है कि, क्या इस देश में क़ानून सबके लिए बराबर रहेगा, या अब इंसाफ़ भी इस बात से तय होगा कि सामने कौन खड़ा है?✍️ खुर्शीद रब्बानी
1000330826-1024x566 सहारनपुर ने आज सिर्फ एक इमारत नहीं खोई है उसने अपने प्रशासन पर भरोसे का एक हिस्सा भी खो दिया है।और मेरा सरकार से आख़िरी सवाल यही है कि, क्या इस देश में क़ानून सबके लिए बराबर रहेगा, या अब इंसाफ़ भी इस बात से तय होगा कि सामने कौन खड़ा है?✍️ खुर्शीद रब्बानी
1000330824-1024x561 सहारनपुर ने आज सिर्फ एक इमारत नहीं खोई है उसने अपने प्रशासन पर भरोसे का एक हिस्सा भी खो दिया है।और मेरा सरकार से आख़िरी सवाल यही है कि, क्या इस देश में क़ानून सबके लिए बराबर रहेगा, या अब इंसाफ़ भी इस बात से तय होगा कि सामने कौन खड़ा है?✍️ खुर्शीद रब्बानी
1000330828-1024x566 सहारनपुर ने आज सिर्फ एक इमारत नहीं खोई है उसने अपने प्रशासन पर भरोसे का एक हिस्सा भी खो दिया है।और मेरा सरकार से आख़िरी सवाल यही है कि, क्या इस देश में क़ानून सबके लिए बराबर रहेगा, या अब इंसाफ़ भी इस बात से तय होगा कि सामने कौन खड़ा है?✍️ खुर्शीद रब्बानी

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