वैश्विक नेताओं ने भारत की ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी को सराहा

नई दिल्ली। 14 सितंबर।(MNN)
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक व्यवस्था में भारत के बढ़ते प्रभाव की स्पष्ट झलक देखने को मिली। ‘इंडो जीनियस’ के सह-संस्थापक निक बुकर ने कहा कि विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों की नई दिल्ली में मौजूदगी भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत के नेतृत्व और मेहमाननवाजी की भी सराहना की।
राष्ट्रीय राजधानी में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले निक बुकर ने कहा कि भारत द्वारा प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं को नई दिल्ली में एक मंच पर लाना विशेष महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि वह 2023 में भारत द्वारा आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में भी शामिल हो चुके हैं।

निक बुकर ने एएनआई (ANI) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि उन्हें 2023 के जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का अवसर मिला था, जो इसी भव्य ‘भारत मंडपम’ परिसर में आयोजित हुआ था। दोनों शिखर सम्मेलनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों का व्यक्तिगत रूप से नई दिल्ली आना भारत के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि वे इसके स्थान पर अपने विदेश मंत्रियों या अन्य प्रतिनिधियों को भी भेज सकते थे।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का आयोजन कई वर्षों से अलग-अलग देशों में होता रहा है और इसका स्थान बदलता रहता है। हालांकि, इस बार भारत के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और अन्य शीर्ष नेताओं ने स्वयं नई दिल्ली आकर बैठक में हिस्सा लिया।
निक बुकर के अनुसार, वैश्विक नेताओं का खुद भारत आना इस बात का प्रमाण है कि वे भारत को कितना महत्व देते हैं। उन्होंने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) व स्वास्थ्य के क्षेत्रों को दिशा देने वाला एक प्रमुख देश बताया। उन्होंने कहा कि नेता अपने विदेशी प्रतिनिधियों, विदेश मंत्रियों या अन्य प्रतिनिधिमंडलों को भी भेज सकते थे, लेकिन उन्होंने खुद भारत आने का फैसला किया।

उनके अनुसार, ब्रिक्स की सदस्यता के लिए हर शिखर सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। इसलिए नई दिल्ली में उनकी मौजूदगी भारत के बढ़ते वैश्विक कद को प्रभावी रूप से दर्शाती है।
निक बुकर ने कहा कि वैश्विक नेताओं ने भारत आने का विकल्प इसलिए चुना क्योंकि भारत दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाला देश है और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत अपने प्रवासी समुदाय (डायस्पोरा) के साथ-साथ आर्थिक व्यापार के जरिए वैश्विक स्तर पर तकनीक और स्वास्थ्य क्षेत्रों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

शिखर सम्मेलन के राजनयिक महत्व के अलावा, निक बुकर ने भारत की सांस्कृतिक विशेषताओं, विशेष रूप से आतिथ्य सत्कार (मेहमाननवाजी) की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का सबसे अहम पहलू उसकी मेहमाननवाजी है।
उन्होंने कहा कि भारत के लोग अत्यंत खुले दिल और मिलनसार स्वभाव के हैं तथा वे एक ऐसा माहौल बनाते हैं जिसमें लोग एक-दूसरे से आसानी से बातचीत कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारतीयों का यह मित्रवत व्यवहार सराहनीय है और उन्हें पूरा विश्वास है कि ब्राजील, इंडोनेशिया और मलेशिया से आने वाले प्रतिनिधि भी इसी प्रकार की भावनाएं रखते होंगे।
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