असम बाढ़ पीड़ितों के लिए जमीयत ने 2.25 करोड़ रुपये किए आवंटित

नई दिल्ली/असम, 18 अगस्त 2026: असम में भीषण बाढ़ से प्रभावित हजारों परिवारों की मदद और पुनर्वास के लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद और जमीयत उलेमा-ए-असम ने 2 करोड़ 25 लाख रुपये की सहायता राशि आवंटित की है। यह अभियान जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी के निर्देश और जमीयत उलेमा-ए-असम के अध्यक्ष मौलाना मुश्ताक अनफर की निगरानी में चल रहा है।मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा किसी से धर्म या जाति पूछकर नहीं आती। जमीयत बिना किसी भेदभाव के सभी प्रभावित लोगों की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल तत्काल राहत देना नहीं, बल्कि बाढ़ से उजड़े परिवारों को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करना है।

कुल 2.25 करोड़ रुपये में 1 करोड़ रुपये जमीयत उलेमा-ए-हिंद और 1.25 करोड़ रुपये अनफर फाउंडेशन की ओर से दिए जाएंगे। शुरुआती राहत कार्यों पर करीब 30 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।जमीयत की टीमों ने शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट और चराईदेव जिलों में घर-घर सर्वे पूरा किया है। करीब 2,400 से 2,500 परिवारों को नुकसान के आधार पर 5 हजार, 7 हजार और 10 हजार रुपये तक सीधे आर्थिक सहायता दी जाएगी।बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 50 हजार से 1 लाख रुपये तक विशेष सहायता दी गई है। वहीं, अनाथ और बेसहारा बच्चों की शिक्षा के लिए भी सहायता का प्रबंध किया गया है। प्रारंभिक तौर पर दो बच्चों की दो साल की शैक्षणिक जिम्मेदारी ली गई है।मौलाना मुश्ताक अनफर ने कहा कि राहत वितरण में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों के पूर्ण पुनर्वास तक अभियान जारी रहेगा।
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