दिल्ली सरकार ने बस ऑपरेटरों को यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

क्रियात्मक VLTD, पैनिक बटन, फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट-एड किट रखना जरूरी, नियमों का उल्लंघन करने पर सख़्त कार्रवाई होगी
बस ड्राइवर और स्टाफ के लिए यात्रियों से विनम्र व्यवहार करना अनिवार्य, शराब या नशीले पदार्थों का सेवन कर या नशे के हालात में गाड़ी चलाना सख्त मना है।यात्रियों की सुरक्षा से किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जा सकता। राजधानी दिल्ली में चलने वाली हर बस को निर्धारित सुरक्षा और संचालन मानकों का पालन करना होगा। इसके साथ सभी जरूरी सिस्टम और सुरक्षा उपकरण हर समय चालू हालत में काम करने लायक स्थिति में होने चाहिए। हम हर यात्री के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ज़्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं- परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह
नई दिल्ली (01 सितंबर, 2026)। दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में बस चलाने वाले सभी ऑपरेटरों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से जारी निर्देशों के तहत यात्रियों की सुरक्षा के लिए निर्धारित सुरक्षा मानक और संचालन संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।
यात्रियों की सुरक्षा और हिफाजत को ध्यान में रखते हुए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की तरफ से जारी किए गए निर्देशों का सभी बस ऑपरेटरों को पालन करना होगा, जिनमें राजधानी दिल्ली में चलने वाली दूसरे राज्यों की बसें भी शामिल हैं। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सुरक्षा के जरूरी नियमों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
माननीय परिवहन मंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने सभी बस ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि बसों में लगे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन हर समय चालू हालात और काम करने की स्थिति में रहें। पैनिक बटन यात्रियों की पहुंच में आसानी से होने चाहिए और हमेशा ठीक से काम करने की स्थिति में भी होने चाहिए।
सभी बसों में काम करने की हालत में अग्निशमन यंत्र (fire extinguishers) और प्राथमिक उपचार किट का अनिवार्य रूप से होना ज़रूरी है। बस ऑपरेटरों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि रात के समय या जब बसें खड़ी हों, तो उन्हें केवल अधिकृत, सुरक्षित और अच्छी रोशनी वाली जगहों पर ही पार्क किया जाए।
इस संबंध में माननीय कोर्ट के निर्धारित नियमों और निर्देशों के अनुसार बसों की खिड़कियों पर पर्दे या अनधिकृत फिल्में नहीं लगाई जा सकती है। बसों के विंडशील्ड, पिछली खिड़कियों और साइड की खिड़कियों के लिए तय पारदर्शिता के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
इन निर्देशों में ड्राइवरों और बस स्टाफ की ज़िम्मेदारियों को भी साफ़ तौर पर बताया गया है। ड्राइवरों और दूसरे स्टाफ को यात्रियों के साथ अच्छा और विनम्र व्यवहार करना होगा। शराब या किसी भी नशे की हालत में गाड़ी चलाना सख्ती से मना है। ड्राइवरों के पास वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस, यूनिफ़ॉर्म और जहां भी जरूरी हो PSV बैज होने चाहिए। वहीं, कंडक्टरों के पास वैलिड कंडक्टर लाइसेंस, यूनिफ़ॉर्म और PSV बैज होने चाहिए। बस ऑपरेटरों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे ड्राइवरों, कंडक्टरों, अटेंडेंट और दूसरे सभी स्टाफ को काम पर रखने से पहले उनका सही तरीके से नियमानुसार वेरिफिकेशन करें।
जहां भी ज़रूरी हो बसों में एक अधिकृत अटेंडेंट की व्यवस्था होना चाहिए। बस के चलते समय सभी दरवाज़े सुरक्षित तरीके से बंद रहने चाहिए। बस कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे दिव्यांग यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने में हर संभव मदद दें।
महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। बस ऑपरेटरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ड्राइवरों, कंडक्टरों और बस के दूसरे स्टाफ को महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ को रोकने और महिला यात्रियों के साथ किसी भी तरह के गलत व्यवहार के गंभीर नतीजों के बारे में जागरूक करें। अगर किसी महिला के साथ अश्लील व्यवहार, बदतमीज़ी, छेड़छाड़, फब्तियां कसने या कोई और अपराध होता है तो बस के कर्मचारियों को तुरंत पुलिस को सूचना देनी होगी और बस को नजदीकी पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट या PCR वैन तक ले जाना होगा।
हर बस के पास एक वैध फिटनेस सर्टिफिकेट होना चाहिए और वह तकनीकी रूप से ठीक हालत में होनी चाहिए। सभी बस ऑपरेटरों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वे लागू उत्सर्जन मानकों का पालन करें और उनके पास वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (PUC) सर्टिफिकेट होने चाहिए।
बस ऑपरेटरों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे लागू ट्रैफिक नियमों और तय बस लेन का सख्ती से पालन करें। यात्रियों का बस में चढ़ना और उतरना केवल तय बस स्टॉप या अधिकृत जगहों पर ही होना चाहिए। असुरक्षित या अनधिकृत जगहों पर खासकर सड़क के बीच में या चौराहों पर बस रोकना सख्त मना है।
परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सुरक्षा उपायों को सिर्फ़ कागज़ पर ही नहीं, बल्कि असल में पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए। बस ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी जरूरी सिस्टम, उपकरण और प्रक्रियाएं मौजूद हों और ठीक से काम कर रहे हों। सरकार नियमों के उल्लंघन पर कानून के मुताबिक सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट इन सभी निर्देशों और मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के साथ उसके तहत बने नियमों के अन्य लागू प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई करेगा। बस ऑपरेटरों को भी निर्देश दिया गया है कि वे इन निर्देशों को अपने ड्राइवरों और कर्मचारियों तक पहुंचाएं और इनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
किसी भी नियम के उल्लंघन करने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें जुर्माना, वाहन को जब्त करना या हिरासत में लेने के साथ लाइसेंस या परमिट का सस्पेंशन और कैंसिलेशन किया जाना भी शामिल है।
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