रूसी राष्ट्रपति पुतिन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात, 2030 तक व्यापार को 100 अरब डॉलर तक बढ़ाना एजेंडे में शामिल

नई दिल्ली। 11 सितंबर।(MNN)
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को द्विपक्षीय बातचीत की, जो 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के औपचारिक शुभारंभ से एक दिन पहले आयोजित हुई।
सूत्रों के अनुसार, वार्ता के प्रमुख बिंदुओं में द्विपक्षीय व्यापार के एक बड़े (महत्वाकांक्षी) लक्ष्य को हासिल करना शामिल है। दोनों देशों ने 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे पहले, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-रूस आर्थिक और औद्योगिक साझेदारी को गति देने पर बल दिया था तथा दोनों देशों के व्यावसायिक संस्थानों से 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार में 100 अरब डॉलर के लक्ष्य को पूरा करने के लिए काम करने का आह्वान किया था।
नई दिल्ली में रूस के उद्योग एवं व्यापार मंत्री एंटोन अलीखानोव के साथ ‘इनोप्रॉम (INNOPROM) इंडिया 2026’ की सह-अध्यक्षता वाली बैठक को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान स्तर (लगभग 60 अरब डॉलर) से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए आगामी चार वर्षों में लगभग 40 अरब डॉलर की वृद्धि करनी होगी और वार्षिक आधार पर दोहरे अंकों (डबल डिजिट) की विकास दर बनाए रखने की आवश्यकता होगी।

सूत्रों का कहना है कि भारत में ‘इनोप्रॉम’ की सफलता भी रूसी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी के बीच वार्ता के एजेंडे में शामिल है। ‘इनोप्रॉम’ के भारत आने से रूस के साथ औद्योगिक सहयोग के विस्तार, रेलवे क्षेत्र एवं सुरंग निर्माण (टनलिंग) में और अधिक साझेदारी, स्टील वैल्यू चेन के विकास, नए B2B अवसरों के सृजन और रूसी बाजार तक पहुंच बढ़ाने की राह आसान हुई है। ‘इनोप्रॉम’ — अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी — एक ऐसा वैश्विक मंच है जो दुनिया भर के निर्माताओं और खरीदारों को एक साथ लाता है। यह अत्याधुनिक तकनीकों के प्रदर्शन तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच का अवसर प्रदान करता है और परिणामोन्मुखी नेटवर्किंग के लिए एक प्रभावी B2B मंच के रूप में कार्य करता है।

सूत्रों ने आगे बताया कि दोनों नेता असैन्य परमाणु सहयोग (जिसमें फ्यूल साइकिल और लाइफ साइकिल सपोर्ट शामिल हैं) को सुदृढ़ करने, आवागमन (मोबिलिटी) में सहयोग बढ़ाने, रूस में भारतीय कुशल कार्यबल की भागीदारी में वृद्धि करने, महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) में सहयोग तथा रणनीतिक संयुक्त उपक्रमों (जॉइंट वेंचर्स) के माध्यम से उर्वरक (फर्टिलाइजर) क्षेत्र में साझेदारी को निरंतर बनाए रखने और विस्तार देने पर विस्तृत बातचीत करेंगे।
इस मुलाक़ात की तस्वीरें फेसबुक पर शेयर करते हुवे प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा “भारत-रूस मित्रता को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति पुतिन के साथ बहुत ही सार्थक चर्चा हुई। हम व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने तथा ‘आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030’ (Programme for Economic Cooperation 2030) के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर सहमत हुए। हमने बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर), ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई।”।”राष्ट्रपति पुतिन के साथ इस मुलाकात के दौरान, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उन्हें ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया, जो भाषाओं और सीमाओं के पार महान तिरुवल्लुवर के शाश्वत ज्ञान का प्रसार करता है।
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